* गौसेवा में समर्पित सांकरा के युवाओं ने मरणासन्न बछिया को भिजवाया बंजारी गौ शाला* - fastnewsharpal.com
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* गौसेवा में समर्पित सांकरा के युवाओं ने मरणासन्न बछिया को भिजवाया बंजारी गौ शाला*

 गौसेवा में समर्पित सांकरा के युवाओं ने मरणासन्न बछिया को भिजवाया बंजारी गौ शाला



  *निःस्वार्थ भाव से करते हैं गौ सेवा*

   सुरेन्द्र जैन ,सांकरा धरसीवां




एक तरफ जहां  आये दिन लूट चोरी की घटनाओं में नाबालिगों का नाम सामने आ रहा है तो वही दूसरी तरफ सांकरा के लगभग 35 नवयुवक गौसेवा में समर्पित होकर गांव का नाम गौरान्वित करने में लगे हैं बुधवार को भी  गांव के गौसेवकों ने एक बार अपना मानव धर्म निभाते हुए सड़क किनारे मरणासन्न पडी बछिया को बंजारी गौशाला भिजवाया।

    जानकारी के मुताबिक सांकरा अटल चौक के समीप किराना दुकान के सामने दोपहर से ही किसी गाय की एक बछिया  मरणासन्न अवस्था मे  थी उसका पेट फूल रहा था और वह उठना बैठना  भी नही कर पा रही थी शाम को जैंसे ही इस प्रतिनिधि की नजर उस पर पड़ी तो तुरन्त उन्होंने इसकी सूचना सांकरा बजरंग दल के कार्यकर्ता  पीताम्बर  यदु को इससे सूचना मिलते ही पीताम्बर यदि अपने साथियों के साथ पहुचे ओर देखा तो बछिया की हालत बहुत खराब थी लिहाज उन्होंने बंजारी मन्दिर गौशाला को सूचना दी सूचना मिलते ही गौशाला का वाहन सांकरा पहुचा ओर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मरणासन्न बछिया को अपने हाथों से उठाकर बंजारी गौशाला के पशु एंबुलेंस वाहन में रखा इस तरह उन्होंने गंभीर बीमार बछिया को गौशाला बंजारी के लिए भेजकर पुमय का अर्जन किया।

   दरुआ गंजेड़ी नही हैं टीम में

   सांकरा के नवयुवा गौसेवक   जो बजरंग दल के कार्यकर्ता भी हैं वह बीते पांच छह माह से गौसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं  ओर इन पांच छह माह में वह कई बार हाइवे पर दुर्घटना में घायल गौ माता का उपचार कराने उन्हें गौ शाला भेजने का पुनीत कार्य कर चुके हैं 

     संरक्षक पीताम्बर यदु ने बताया कि उनके साथ स्कूली छात्र भी जुड़े है सप्ताह में एक दिन बैठक की जाती है और दस दस बीस बीस रुपये  सभी सदस्य जमा करते है उसी राशि को वक्त जरूरत गौसेवा में लगा देते हैं उनके इस कार्य मे रावाभाटा बंजारी गौशाला का अच्छा योगदान उन्है मिलता है जब भी सूचना दी जाती है तुरन्त मौके पर गौशाला का एंबुलेंस वाहन पहुचता है कभी उनका वाहन अन्यत्र व्यस्त हो तो हाइवे से गुजरने वाले वाहनों की मदद से भी घायल या बीमार गौमाता को गौशाला भेजते हैं

    उनके 35 नवयुवक सदस्य साथी है जिनमे से कोई भी न तो गजेडी है न दरुआ है सभी सदस्य नशापान से दूर रहते हैं।

   सांकरा में गौशाला बहुत जरूरी

   पीतांबर यदु कहते हैं कि मुख्यमंत्री जी गौसेवा के क्षेत्र में बहुत अच्छे काम कर रहे है इसके बाद भी हाइवे पर ओर गांव की सड़कों पर बड़ी संख्या में हमारी पूज्य गौमाता बैठी रहती हैं जो आये दिन दुर्घटना का शिकार होती हैं उनकी रक्षार्थ अन्य गांवो की तरह सांकरा में भी ऐंसी गोशाला होना बहुत जरूरी है जहां सड़को पर घूमने वाले गौधन को रखा जाए और  उन्हें भोजन पानी इलाज की समुचित व्यवस्था हो।

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