गरियाबंद जल संसाधन विभाग के रवैया से किसान परेशान, - fastnewsharpal.com
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गरियाबंद जल संसाधन विभाग के रवैया से किसान परेशान,

 गरियाबंद जल संसाधन विभाग के रवैया से किसान परेशान,



कोटरी नाला से गेट खोलने व कचरा हटाने  लगाई गुहार





गरियाबंद

गरियाबंद जल संसाधन विभाग के अंतर्गत विकास खंड छुरा ग्राम जामली, पाटसिवनी के समस्त किसान गरियाबंद जिला मुख्यालय में पहुंचकर अपनी गुहार लगाई । उनका कहना है की कोटरी नाला जलाशय से कई सालों से जलाशय से पानी सिपेज  हो रहा था । अभी वर्तमान में  गेट पर कचरा डालकर ताला लगा दिया गया है जहाँ से लगातार 2 फीट पानी बह रहा था । इसके चलते फसल लिया जा रहा था । वह पूरी तरीके से बंद हो गया है।  कोटरी नाला जलाशय में पानी पर्याप्त मात्रा में है  अभी वर्तमान में 20 फीट पानी का भराव है।  यह पानी पर्याप्त मात्रा में है । ग्रामीणों का कहना है कि एसडीओ इंजीनियर यहां पर अपनी मनमानी कर रहे हैं। एसडीओ इंजीनियर के द्वारा सही जानकारी नहीं देते हैं। और फोन नही उठाते हैं। हम लोग फिंगेश्वर जाते हैं तो मुलाकात नही करते  जिसके चलते हम गरीब किसान बहुत ही परेशान हैं । हम लोग की समस्या अगर अधिकारी नही सुनेगे तो कौन सुनेगा। अभी वर्तमान में जल संसाधन विभाग द्वारा कोटरी नाला जलाशय के गेट में ताला लगा दिया गया है।  गेट के सामने कचरा डालकर बंद कर दिया गया है ।  रिखी राम द्वारा कहा गया है कि  जल संसाधन विभाग द्वारा गलत किया गया है। जिसके कारण सीपेज बंद होने से हमारी फसल नुकसान हो रहा है।  फसल मरने के कगार में पहुंच चुका है ।  किसान द्वारा कहा गया है कि हम बहुत परेशान हैं  आज कई सालों से हम यहां पर फसल बो रहे हैं ।    कोटरी नाला गेट का ताला खोला जाए और वहां से कचरा हटाया जाए, यही मांग लेकर वह जिला मुख्यालय गरियाबंद जल संसाधन विभाग पहुंचे हैं ।

आज किसानों का दुख देखने वाला कोई नहीं है। किसान आज  परेशानियों का सामना कर रहे हैं वही आज उनकी फसल पानी के वजह से जमीन में सूखे दरार हो गए हैं । लेकिन उसे देखने वाला कोई नहीं है।   ऐसे समय में किसान किसके पास जाए किसानों की फसल बिना पानी से आज मरने के कगार में है । लेकिन कार्यपालन अभियंता को किसानों की समस्या से किसी प्रकार का  जिम्मेदारी नहीं है।  किसानो को सही जानकारी नहीं दिया जाता । इससे किसान भटक रहे हैं ।

कार्यपालन अभियंता से फोन पर  जानकारी लेने पर   भ्रमित जवाब दिया गया।  जिले के अंतर्गत कार्यपालन अभियंता द्वारा सही जानकारी नहीं दिया जाता है । कार्यपालन   अभियंता से जानकारी लेने पर  वह  ब्लॉक एसडीओ के ऊपर छोड़ देते हैं।  एसडीओ से जानकारी लेने पर  एसडीओ फोन नहीं उठाते हैं।   वह जिला के जिम्मेदार कार्यपालन अभियंता अपनी जिम्मेदारी से दूर हटते पल्ला झाड़ते हुए जवाब देते हैं ।  यही कहना है कि  फोन लगाकर एसडीओ से पूछता हूं । यही जवाब रहता है, एसडीओ  किसी का फोन  रिसीव नहीं करते  या फिर स्विच ऑफ करके रख देते हैं  । जिला के जिम्मेदार  पद पर बैठे हुए कार्यपालन  अभियंता द्वारा केवल सफाई देते हुए जवाब दिया जाता है।  कुछ कारण होगा इसीलिए फोन नहीं उठाते हैं, यही कहना है कार्यपालन अभियंता पीके आनंद गरियाबंद 


आज किसानों का दुख देखने वाला कोई नहीं है। किसान आज  परेशानियों का सामना कर रहे हैं वही आज उनकी फसल पानी के वजह से जमीन में सूखे दरार हो गए हैं । लेकिन उसे देखने वाला कोई नहीं है।   ऐसे समय में किसान किसके पास जाए किसानों की फसल बिना पानी से आज मरने के कगार में है । लेकिन कार्यपालन अभियंता को किसानों की समस्या से किसी प्रकार का  जिम्मेदारी नहीं है।  किसानो को सही जानकारी नहीं दिया जाता । इससे किसान भटक रहे हैं ।

कार्यपालन अभियंता से फोन पर  जानकारी लेने पर   भ्रमित जवाब दिया गया।  जिले के अंतर्गत कार्यपालन अभियंता द्वारा सही जानकारी नहीं दिया जाता है । कार्यपालन   अभियंता से जानकारी लेने पर  वह  ब्लॉक एसडीओ के ऊपर छोड़ देते हैं।  एसडीओ से जानकारी लेने पर  एसडीओ फोन नहीं उठाते हैं।   वह जिला के जिम्मेदार कार्यपालन अभियंता अपनी जिम्मेदारी से दूर हटते पल्ला झाड़ते हुए जवाब देते हैं ।  यही कहना है कि  फोन लगाकर एसडीओ से पूछता हूं । यही जवाब रहता है, एसडीओ  किसी का फोन  रिसीव नहीं करते  या फिर स्विच ऑफ करके रख देते हैं  । जिला के जिम्मेदार  पद पर बैठे हुए कार्यपालन  अभियंता द्वारा केवल सफाई देते हुए जवाब दिया जाता है।  कुछ कारण होगा इसीलिए फोन नहीं उठाते हैं, यही कहना है कार्यपालन अभियंता पीके आनंद गरियाबंद 


आज किसानों का दुख देखने वाला कोई नहीं है। किसान आज  परेशानियों का सामना कर रहे हैं वही आज उनकी फसल पानी के वजह से जमीन में सूखे दरार हो गए हैं । लेकिन उसे देखने वाला कोई नहीं है।   ऐसे समय में किसान किसके पास जाए किसानों की फसल बिना पानी से आज मरने के कगार में है । लेकिन कार्यपालन अभियंता को किसानों की समस्या से किसी प्रकार का  जिम्मेदारी नहीं है।  किसानो को सही जानकारी नहीं दिया जाता । इससे किसान भटक रहे हैं ।

वही हमारे पत्रकार द्वारा कार्यपालन अभियंता से फोन पर  जानकारी लेने पर   भ्रमित जवाब दिया गया।  जिले के अंतर्गत कार्यपालन अभियंता द्वारा सही जानकारी नहीं दिया जाता है । कार्यपालन   अभियंता से जानकारी लेने पर  वह  ब्लॉक एसडीओ के ऊपर छोड़ देते हैं।  एसडीओ से जानकारी लेने पर  एसडीओ फोन नहीं उठाते हैं।   वह जिला के जिम्मेदार कार्यपालन अभियंता अपनी जिम्मेदारी से दूर हटते पल्ला झाड़ते हुए जवाब देते हैं ।  यही कहना है कि  फोन लगाकर एसडीओ से पूछता हूं । यही जवाब रहता है, एसडीओ  किसी का फोन  रिसीव नहीं करते  या फिर स्विच ऑफ करके रख देते हैं  । जिला के जिम्मेदार  पद पर बैठे हुए कार्यपालन  अभियंता द्वारा केवल सफाई देते हुए जवाब दिया जाता है।  कुछ कारण होगा इसीलिए फोन नहीं उठाते हैं, यही कहना है कार्यपालन अभियंता पीके आनंद गरियाबंद Sdo  फिंगेस्वर अरुण साहू को फोन लगाया गया वह फोन नहीं उठाये बाद में  मोबाइल को  स्विच ऑफ कर दिया गया।

इस तरह अधिकारियों की रवैये से हमेशा परेशान रहते है। वही उच्च अधिकारियों द्वारा भी गोलमोल जवाब देकर अपनी पल्ला ही झाड़ लेते है।


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