आज का सुविचार
आज का चिंतन(सुविचार)
बुधवार, 17 फ़रवरी 2021
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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠
🎋 *..17-02-2021*..🎋
✍🏻समय और शब्द दोनो का उपयोग लापरवाही के साथ न करें! कयोंकि ये दोनो दुबारा न आते हैं न मौका देते हैं।
💐 *Brahma Kumaris* 💐
🌷 *σм ѕнαитι*🌷
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💥 *विचार परिवर्तन*💥
✍🏻कुछ बोलने और तोड़ने में केवल एक पल लगता है जबकि बनाने और मनाने में पूरा जीवन लग जाता है। प्रेम सदा माफ़ी माँगना पसंद करता है, और अहंकार सदा माफ़ी सुनना पसंद करता है।
🌹 *σм ѕнαитι.*
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💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*17 फरबरी:-*_ रहमदिल वह व्यक्ति बन सकता है, जिसकी नज़र सदा दुसरो की विशेषताओ पर हो, उनकी कमियो पर नहीं।
🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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*ईश्वर👆🏻💫कितनी सुन्दरता से हमारे जीवन में एक और दिन🌅 की वृद्धि करते रहते हैं ...*
*केवल इसलिए❌ नहीं कि*
*आपको👩🏻💫👦🏻 इसकी जरूरत है ...*
*बल्कि इसलिए कि*
*किसी अन्य👆🏻👬🏼👭🏻👫🏻👨👩👧👦 को भी प्रतिदिन आपकी जरूरत है ...*. सुरक्षित रहे, स्वस्थ रहे, अपनों👬🏼👭🏻👫🏻👨👩👧👦🤝🏻 के साथ मस्त रहे, अपना👩🏻💫👦🏻 खयाल रखें। दो🚶🏻♀️😷🚶🏻♂️गज की दूरी बहुत बहुत है जरूरी. शुभरात्रि.
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*मानवीय गुणों में एक प्रमुख गुण है "क्षमा" और क्षमा जिस भी मनुष्य के अन्दर है वो किसी वीर से कम नही है। तभी तो कहा गया है कि- " क्षमा वीरस्य भूषणं और क्षमा वाणीस्य भूषणं " क्षमा साहसी लोगों का आभूषण है और क्षमा वाणी का भी आभूषण है। यद्यपि किसी को दंडित करना या डाँटना आपके वाहुबल को दर्शाता है।*
*बलवान वो नहीं जो किसी को दण्ड देने की सामर्थ्य रखता हो अपितु बलवान वो है जो किसी को क्षमा करने की सामर्थ्य रखता हो। अगर आप किसी को क्षमा करने का साहस रखते हैं तो सच मानिये कि आप एक शक्तिशाली सम्पदा के धनी हैं और इसी कारण आप सबके प्रिय बनते हो।*
*आजकल परिवारों में अशांति और क्लेश का एक प्रमुख कारण यह भी है कि हमारे जीवन से और जुवान से क्षमा नाम का गुण लगभग गायब सा हो गया है। दूसरों को क्षमा करने की आदत डाल लो जीवन की कुछ समस्याओं से बच जाओगे। निश्चित ही अगर आप जीवन में क्षमा करना सीख जाते हैं तो आपके कई झंझटों का स्वत:निदान हो जाता है।*
ॐ शांति
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♦️♦️♦️रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️
*🟣👉🏿मरी हुई गाय 🏵️
Good
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एक बार रामानकंद जी ने कबीर जी से कहा की हे कबीर आज श्राद्ध का दिन है और पितरो के लिये खीर बनानी है.
आप जाइये पितरो की खीर के लिये दुध ले आइये..
कबीर जी उस समय 9 वर्ष के ही थे..
कबीर जी दुध का बरतन लेकर चल पडे...
चलते चलते आगे एक गाय मरी हुई पडी थी..
कबीरजी ने आस पाससे घास को उखाड कर गाय के पास डाल दिया और वही पर बैठ गये...!!!
दुध का बरतन भी पास ही रख लिया...
जब काफी देर होगयी तो रामानंद ने सोचा..
पितरो को छिकाने का टाइम हो गया है...
कबीर अभी तक नही आया..
तो रामानंद जी खुद चल पडे दुध लेने...
चले जा रहे थे तो आगे देखा की कबीर जी एक मरी हुई गाय के पास बरतन रखे बैठे है...!!!
रामानंद जी बोले अरे कबीर तु दुध लेने नही गया.?
कबीर जी बोले स्वामीजी ये गाय पहले घास खायेगी तभी तो दुध देगी...!!!
रामानंद बोले अरे ये गाय तो मरी हुई है ये घास कैसे खायेगी??
कबीर जी बोले स्वामी जी ये गाय तो आज मरी है..
जब आज मरी गाय घास नही खा सकती...!!!
तो आपके 100 साल पहले मरे हुए पितर खीर कैसे
खायेगे...??
यह सुनते ही रामानन्दजी
मौन होगये..!!
उन्हें अपनी भूलका अहेसास
हुआ.!!
*माटी का एक नाग बनाके*
*पुजे लोग लुगाया*
*जिंदा नाग जब घर में निकले*
*ले लाठी धमकाया*
*जिंदा बाप कोई न पुजे*
*मरे बाद पुजवाया*
*मुठ्ठीभर चावल लेके*
*कौवे को बाप बनाया*
*यह दुनिया कितनी बावरी हैं*
*जो पत्थर पुजे जाय*
*घर की चकिया कोई न पुजे*
*जिसका पिसा खाय*
*-संत कबीर*
*🟣👉🏿भावार्थ:➖*
*जो जीवित है उनकी सेवा करो....!!*
*वही सच्चा श्राद्ध है.!!.. सत् साहेब बंदगी🙏🏻🙏🏻🙏🏻*
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