एक ओर जहां जिले में लॉक डाउन से काम धंधा बन्द, वही दूसरी ओर अभनपुर के ग्राम जौन्दा में रेत का अवैध भण्डारण जारी
एक ओर जहां जिले में लॉक डाउन से काम धंधा बन्द, वही दूसरी ओर अभनपुर के ग्राम जौन्दा में रेत का अवैध भण्डारण जारी ,
जौन्दा में रेेेत का अवैध भण्ड्डारण
रेत की अवैध डंपिंग लगातार जारी,विभागीय अधिकारी उदासीन
गोबरा नवापारा
एक ओर जहां जिले में लॉक डाउन के तहत पूरा काम धंधा बन्द ,शासकीय कार्यालय बन्द, दुकाने बन्द ,वही दूसरी ओर रेत माफिया सक्रिय होकर सरेआम लूट रहे राजस्व रायल्टी बतौर शासकीय खजाने को ....जी हां आपने सही पढ़ा।
यह पूरा माजरा चल रहा अभनपुर क्षेत्र के गोबरा नवापारा नगर के समीप ग्राम कोलियारी पंचायत अन्तर्गत लखना रेत घाट में। जहां सरकारी रेत घाट कर नीलामी तो भल कर दिया। पर खनिज विभाग के अधिकारियों को शिकायत मिलने पर झांकने भी नही पहुचते।
पर रेत घाटो से रेत कि अवैध निकासी रात्रि को मतलब नियमो को अनदेखी कर दिन-रात चौबीसों घण्टे रेत की निकासी अनवरत जारी हैं।वही रायपुर जिले के खनिज विभाग के आला अधिकारीयो को शिकायतों के बाद भी यहां झांकने भी नही आते। अभनपुर क्षेत्र के ग्राम लखना,कोलियारी,नवगांव और जौन्दा में सैकड़ो हाइवा रेत की अवैध डम्पिंग लगातार किये जा रहे है । इसकी शिकायत लोगो द्वारा खनिज विभाग के आला अधिकारी, अभनपुर एसडीएम, गोबरा नवापारा तहसीदार और राजस्व से जुड़े अधिकारियों को फोन कर शिकायत किया गया पर हर समय की भांति मौका स्थल में नही पहुचे ।
आपको बता दे कि रेत की निकासी में रायल्टी बतौर राशि राजस्व खाते में जाता है पर अधिकारियो की इसकी क्या फिक्र आखिर सरकार के खजाने को चुना लगाने में रेत माफिया लगा रहे और इसको क्या है?
वही पूर्व में ग्राम पंचायत कोलियारी के रेत घाट में जब अवैध निकासी होता था तो क्षेत्र के हितैसी कहलाने वाले नेता जहां-तहां शिकायत करते थे पर अब इनकी चुप्पी समझ से परे है....?? वही देखा जा रहा है कि लखना रेत घाट में लगातार रेत की निकासी कर जौन्दा के नर्सरी समीप रेत माफिया सैकड़ो हाइवा रेत की अवैध डंपिंग लगातार बेखौप जारी है। आपको यह भी अवगत हो कि सरकारी अधिकारियों को शिकायत करने के बाद अधिकारीयो का न पहुचना साथ ही इतना अधिक पैमाने से रेत की अवैध डंपिंग के लिये ग्राम पंचायत जौन्दा के सरपंच द्वारा परमिशन देना मानो जनप्रतिनिधियों द्वारा इस तरह से सरकार खजाने को लूटने में सहभागी बन रहे है।एक समय था जब क्षेत्र में अवैध रेत निकासी पर जहां तहां शिकायत करने वाले नेता की चुप्पी भी समझ से परे है। वही इतने अधिक मात्रा में बेखौप होकर रेत की अवैध डंपिंग करने में सम्बंधित अधिकारियों के साथ साथ बड़ें राजनीतिक नेता का हाथ होने की सम्भावनाओ से इनकार नही किया जा सकता।
एक समय था कि क्षेत्र के नेताओ द्वारा क्षेत्र में हो रहे अवैध रेत निकासी पर लगातार मुद्दा उठाते थे अब चुप्पी से यही अनुमान लगाया जा सकता है कि संरक्षण से ही इतना अधिक मात्रा में रेत का अवैध डंपिंग सम्भव हो सकता है।




