*किसान आन्दोलन के 6 माह बनाम किसान विरोधी निरंकुश मोदी सरकार के सात साल*
*कल 26 मई को किसान मनाएंगे काला दिवस*
*किसान आन्दोलन के 6 माह बनाम किसान विरोधी निरंकुश मोदी सरकार के सात साल*
जितेंद्र महमल्ला /धमतरी
विगत 6 माह से दिल्ली के सीमाओं पर चल रहे शांतिपूर्ण किसान आंदोलन के देशव्यापी आह्वान पर छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के घटक संगठनों द्वारा 26 मई को काला दिवस मनाते हुए निरंकुश नरेन्द्र मोदी और संवेदनहीन कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का पूतला दहन किया जाएगा इसी क्रम में धमतरी जिला के खेती बचाओ आंदोलन से जुड़े संयुक्त किसान मोर्चा के किसान भी कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए विभिन्न जगहों पर काली पट्टी बांध कर केंद्र की मोदी सरकार का पुतला दहन करेंगे उक्त आशय की जानकारी देते हुए किसान किसान मोर्चा के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता शत्रुहन साहू, टिकेश्वर साहू, असफाक हाशमी भुनेश्वर साहू, सनत निर्मलकर, रामविलास साहू, निशांत भट्ट, दिग्विजय सिंह साहू, मनोज भतपहरी, भिखारी राम साहू, सतवंत महीलंग निहाल साहू रसूल खान छन्नू साहू युगल किशोर साहू आदि ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि एक ओर जहां किसान हर मौसम और विपरीत परिस्थितियों में भी शांतिपूर्ण संघर्ष कर आंदोलन को मजबूती प्रदान किए हैं वहीं दूसरी ओर केंद्र की मोदी सरकार पिछले 7 सालों में किसान - मजदूर, नौजवान समेत समाज के सभी वर्ग का गहरा शोषण किया है। जिसके विरोध में सयुंक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पूरे देश के किसान संगठनों ने विरोध दिवस का समर्थन कर 26 मई को सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ आवाज तेज कर केंद्र सरकार को एक सीधा संदेश देंगे कि लोकतंत्र में लोक बड़े होते हैं तंत्र नहीं।*
*किसानों की आय दुगुनी करने, पेट्रोल डीजल की दाम को कम करने, महंगाई ,भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा कर बेरोजगारों को दो करोड़ रोजगार देने के लोक लुभावने वायदे पर विगत 7 सालो से केंद्र की सत्ता में काबिज मोदी सरकार के तमाम वायदे केवल जुमले व झूठा साबित हुआ है उल्टे सभी सार्वजनिक संस्थानों जैसे रेल्वे, बैंक, बीमा, भेल, हवाई आदि को नीजि हाथों में बेच कर खेती किसानी को भी कार्पोरेट और सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली को बाजार के हवाले करने की नियत से 05 जून 2020 को चोर दरवाजे से तीन नई कृषि कानून लाया जिसके खिलाफ किसानों का आन्दोलन विगत 6 माह से निरंतर जारी है। कोरोना संक्रमण की गंभीरता को हल्के में ले पहले चरण में नमस्ते ट्रंप और दूसरे चरण में पांच राज्यों के विधनसभा चुनाव में व्यस्त रहा जिसके कारण अब तक लाखों लोग अपनी जान गवां चुके हैं, उसके बाद भी स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त न कर अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने अरबों रुपए खर्च कर सेंट्रल वीष्टा बनाने में लगा हुआ है। आपदा को अवसर में बदलकर आवश्यक वस्तुओं की महंगाई बढ़ाने वाले मुनाफाखोरों, कालाबाजारियों पर मोदी सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। अर्थात् मोदी सरकार हर मोर्चे पर असफल साबित हुआ है जो देश की जनता के लिए किसी काले दिन से कम नहीं है।
