आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
फास्ट न्यूज हर पल समाचार पत्र,

आज का सुविचार(चिन्तन)

🍃🏵🍃🏵🍃🏵🍃🏵🍃

💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..27-05-2021*..🎋


✍🏻♻🍁♻🍁♻🍁♻🍁♻

✍🏻अपनी सहनशीलता को बढाइए, छोटी मोटी घटना से हताश मत होईये, जो चंदन घिस जाता है, वह भगवान के मस्तक पर लगाया जाता है और जो नही घिसता वह तो सिर्फ जलाने के काम ही आता है।

♻🍁♻🍁♻🍁♻🍁♻

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

🍃🏵🍃🏵🍃🏵🍃🏵🍃

♻🍁♻🍁♻🍁♻🍁♻
  💥 *विचार परिवर्तन*💥

✍🏻रिश्ते भी इमारत की ही तरह होते हैं, हल्की - फुल्की दरारें नज़र आएं तो, ढ़हाइये नहीं, मरम्मत कीजिए।
💐 *Brahma Kumaris* 💐
🌷 *σм ѕнαитι*🌷
🍃🏵🍃🏵🍃🏵🍃🏵🍃
🌹 *σм ѕнαитι.*🌹

♻🍁♻🍁♻🍁♻🍁♻
💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*27 मई:-*_ सब दरवाज़े बंद हो जाए तो भी एक दरवाज़ा कभी बंद नहीं होता, ।और वो है परमात्म दरवाज़ा, सब उम्मीद परमात्मा से रखे दुनिया से नहीं
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
ॐ शांति
*क्या ख़ूब लिखा है*...
*परखो तो कोई अपना नही*
*समझो तो कोई पराया नहीं*
*" चेहरे की हंसी से गम को भुला दो*
    *कम बोलो पर सब कुछ बता दो*
    *ख़ुद ना रूठो पर सबको हंसा दो*
      *यही राज है जिन्दगी का*
  *जियो और जीना सिखा दो*
ओम शांति
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
*इस संसार में*
*भूलों को माफ करने की क्षमता*
*सिर्फ तीन में है*
*माँ... महानआत्मा...और परमात्मा...*
      ओम शांति
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
🎈♻️🎈♻️🎈♻️🎈♻️🎈

अनमोल वचन :

परमात्मा पापी से भी प्रेम करते है। हम सभी परमात्मा के बच्चे है, इसलिए हमें परमात्मा के किसी भी बच्चे अर्थात अपने ही रुहानी भाई बहिनों से नफरत करने का क्या अधिकार है ? 

🙏ओम् शान्ति 🙏

🍁आपका दिन शुभ 🍁

🎈♻️🎈♻️🎈♻️🎈♻️🎈


🙏 *ॐ शांति* 🙏

अपने जीवन के *फैसले* स्वयं नहीं कर सकते? बुद्धि बंद है! बुद्धि अर्थात निर्णय शक्ति! भगवान से संबंधित संकल्प व कल्पना करने से *बुद्धि* की *शक्ति* बढ़ती है। जिससे अपने जीवन के सब फैसले स्वयं ले सकते हो, तो... *ज्ञान* लो और *ध्यान* सीखो!...

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐



♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️


*👉🏿कन्हैया के आभूषण *🏵️

🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅


एक भागवत कथा वाचक🗣 ब्राह्मण एक गांव में कथा वांच रहे थे. उस दिन उन्होंने नंदलाल, कन्हैया के 😍सौंदर्य, उनके आभूषणों 🎖का बड़ा मन मोहक वर्णन किया. 

.

उधर से गुजरता एक चोर भी कथा सुनने👂 बैठ गया था. उसने जब आभूषणों के बारे में सुना👂 तो उसे लालच 😜आया. 

.

उस दिन की कथा समाप्त होने पर पंडितजी को खूब दक्षिणा 💰मिली जिसे गठरी बनाकर वह लिए चले. जरा सुनसान में पहुंचे तो चोर सामने आ गया👥.

.

उसने पूछा कि ये श्याम मनोहर,कृष्ण कहां रहते हैं. मुझे उनके घर से गहने 💍🏅चुराने हैं. पता बताओ. 📝

.

पंडितजी डर गए. उन्हें अपने सामान 💰का भय हुआ. सो उन्होंने बुद्धि 🤔लगाई और कहा कि उनका पता मेरे झोले में लिखा है. यहां अंधेरा है थोड़ा उजाले में चलो तो देखके बताऊंगा

.

चोर तैयार हो गया. उसे जल्दी थी. पंडितजी ने और चतुराई की. अपना बोझा💰 उसके सिर पर लाद दिया और ऐसे स्थान पर पहुंचकर रूके जहां लोगों को आवाजाही🏃 ज्यादा थी.

.

फिर उन्होंने थैले💰 में से पोथी 📔खोली, देखने 👀का स्वांग करते रहे. विचारकर🤔 बोले वृंदावन चले🚶🏿 जाओ. मुझे जब☝ कृष्ण जी मिले थे तो उन्होंने वृंदावन ही बताया था.👈 

.

👤चोर संतुष्ट हो गया और पंडितजी से आशीर्वाद🙏 लेकर विदा हुआ. चोर रास्ता पूछता, भटकता 🏃वृंदावन चल पड़ा.

.

रास्ते में उसने बड़ी तकलीफें सहीं. जहां-जहां भी कन्हैया के🕌 मंदिर थे, उसमें दर्शन को गया. दर्शन क्या वह तो उनके 💍आभूषणों को देखने👁 जाता कि आखिर ऐसे आभूषण 🏅होंगे कन्हैया के पास.

.

आभूषण निहारने में उसने इतने मंदिरों🕌 में भगवान की इतनी छवि देख ली कि उसे खुली👀 आंखों से भी प्रभु ☝नजर आते. रात को मंदिरों में ठहर👤 जाता और वहीं कुछ प्रसाद🤑 खा लेता.

.

माखन चोर भगवान आभूषण चोर पर रीझ 😍गए. चोर के मन में प्रभु के आभूषणों 💍🏅के प्रति कामना ही भा गई.💗 

.

गोपाल उसे जगह-जगह दर्शन👁 देते तरह-तरह के आभूषण से सजे बालकों 👵🏼के रूप में लेकिन वह उन्हें नहीं लेता. उसे तो असली गोपाल के आभूषण🎖 चाहिए थे.

.

चोर परेशान😇 कि कब वह कन्हैया के धाम पहुंचे और कन्हैया परेशान 😣कि वह इतनी दूर क्यों जा रहा है जब मैं राह में ही उसे सारे आभूषण 🏅दे रहा हूं.

.

भगवान को भक्त से प्रेम 💕हुआ तो भक्त के मन में बसा चोरी का भाव अनुराग 💚में बदल गया.

.

चोर गोकुल पहुंच 🚶🏿गया. एक स्थान पर नदी किनारे भगवान ने उसे गाय चराते उसी रूप में दर्शन दिया जो उसने मंदिरों में देखी थी.

.

जितनी छवि देखी थी सारी एक-एक करके दिखा दी. आभूषणों के साथ. चोर उनके पैरों 👣में गिर पड़ा. 

.

प्रभु ने आभूषण उतारकर दिए और बोले- लो तुम इसके लिए व्यर्थ ही इतनी दूर चले आए. मैं तो कब से तुम्हें दे रहा था. 

.

चोर बोला- आपको देख👀 लिया तो आभूषणों की चमक फीकी पड़ गई. अब तो👉 आपको चुराउंगा.

.

भगवान हंसे- 😃मुझे चुराओगे, कहां लेकर जाओगे ?

.

चोर बोला- वह तो नहीं पता सोचकर🤔 बताता हूं लेकिन आभूषण💍नहीं चाहिए. अब तो मुझे आपकी ही लालसा है. चोर सोचता रहा, प्रभु 😄हंसते रहे. चोर ने बुद्धि दौड़ा 😇ली लेकिन कोई स्थान ही न सूझा.

.

उसे चिंता थी कि इतनी मेहनत से वह इन्हें चुरा ले जाए और फिर सुरक्षा⚔ न कर पाए तो कोई और चुरा लेगा. 

.

सोचते-सोचते उसे नींद😴 आने लगी. उसको उपाय सूझा – जब तक मैं निर्णय नहीं कर लेता कि आपको कहां रखूंगा, आप मुझे रोज दर्शन 😳देते रहो जिससे मुझे भरोसा रहे कि मेरी चोरी का सामान सुरक्षित है. 

.

प्रभु खूब हंसे.😃 उन्होंने कहा- ठीक है ऐसा हो होगा लेकिन तुम्हें कुछ आभूषण🏅 तो लेना होगा.

.

मना🖐 कर दिया. प्रभु रोज शाम उसे दर्शन👀 देते. वह अपने गांव लौट आया. 

.

पंडितजी कथा वांच रहे थे. उन्हें सारी बात बताई. यकीन न हुआ तो शाम🌙 को जब प्रभु👤 दर्शन देने आए तो उनका एक आभूषण 🎖💍मांगकर दिखाया और साबित कर दिया.

.

पंडितजी बोले- भाई चोर असली साधू तो तू है. मैं तो कान्हा का नाम लेकर बस कथाएं सुनाता रहा और आजीविका जुटाता रहा लेकिन तुमने तो उन्हें ही जीत  लिया।



🌷🌹🙏🙏

Previous article
Next article

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads