अपने पसीने से सींचकर एव रात दिन सेवा की उस मजदूरों के हालत का सुध लेने वाला कोई नही है:- शिवसेना सोनु दिवाना* - fastnewsharpal.com
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अपने पसीने से सींचकर एव रात दिन सेवा की उस मजदूरों के हालत का सुध लेने वाला कोई नही है:- शिवसेना सोनु दिवाना*

अपने पसीने से सींचकर एव रात दिन सेवा की उस मजदूरों के हालत का सुध लेने वाला कोई नही है:- 

शिवसेना सोनु दिवाना*



अभनपुर

शिवसेना के शिवसैनिक रविकांत तारक (सोनु दिवाना) ने प्रेस के माध्यम से कहा कि आज मजदुर दिवस  है पर आज मजदूर दिवस के मौके पर अपने पसीने से सींचकर एव रात दिन सेवा की उस मजदूरों का हालत का सुध लेने वाला कोई नही है इस पर शिवसेना  रविकांत तारक(सोनु दिवाना) ने कहा  कि गरीब  मजदुरों को आर्थिक  तंगी से गुजरना पड़ रहा है इस कोरोना काल में  मजदूरों कि हलात इतनी दयनीय है कि लॉक डाउन के कारण वो अपने परिवार का भरण पोषन के लिए  दो वक्त का रोटी के लिए  भी नही कमा पा रहे हैं  उपर से बढ़ते मुनाफाखोरी का दर्द  झेल रहे है, मजदूर भाई दुनिया का सबसे मजबूत आदमी है जो लाखों दिलो पे राज करता है और मजदुर दिवस पर ही याद किया जाता है जब आज 1मई को मजदूर दिवस है ऐसे में  क ई मजदुरों के घर में खाने के लाले पडे़,है ठीक से राशन भी नही और  अभी इस लाकडाउन में व्यापारियों के  द्वारा राशन सामाग्रीयों पर मुनाफाखोरी कि वजह से कई मजदूर वर्ग के लोगों का जीना दूभर हो गया है 

शिवसेना के रविकांत तारक(सोनु दिवाना ) ने बताया कि कृषि,औद्योग,विनिर्माण,सेवा एवं अन्य क्षेत्रों में अपने खून के इंधन से पूरे देश को चलाने वाले  मजदूर आज वेवश और लाचार है, ऐसे में नेताओं लोगो में  मजदूरों के प्रति मानवीय संवेदना शून्य हो गई है, जिन्होंने उनका मकान बनाया आज वो बेघर है, जिन्होंने उनको अनाज उगाकर दिया आज वो भूखा है, जिन्होंने उनकी कंपिनयों को अपने पसीने से सींचकर उनकी तिजोरियाँ भरी आज वो कंगाल है, जिन्होंने दिन रात उनकी सेवा की उनकी हालत का कोई सुध लेने वाला नही है। उल्टा घर बैठकर  टकटकी लगाए है 

शिवसेना के रविकांत तारक(सोनु दिवाना) ने कहा  केंद्र और राज्य सरकार मिलकर  श्रमिक मजदूर कि आर्थीक सहायता करें, मजदूरों के खाता में दिया जाये, ताकि लाकडाऊन में वह मजदूरों कि दिनचर्या पर गहरा असर ना पेड़, और बढते मुनाफाखोरी पर लगाम लगाया जाय।

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