बाल विवाह- कानूननअपराध,जिसमें है सजा का प्रावधान
बाल विवाह- कानूननअपराध,जिसमें है सजा का प्रावधान
बाल विवाह रोकथाम हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग गरियाबंद द्वारा समाज में जागरुकता एवं प्रचार- प्रसार किया जा रहा है
गरियाबंद
जिला बाल संरक्षण समिति /टास्क फोर्स समिति कि त्रैमासिक बैठक में लॉक डाउन के पूर्व ही कलेक्टर श्री निलेश कुमार क्षीर सागर द्वारा दिए गये निर्देशानुसार जिला बाल संरक्षण इकाई,महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह रोकथाम के संबंध में प्रचार -प्रसार किया जा रहा है l
साथ ही ग्राम पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष /सचिव /सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्व सहायता समूह की महिलाए, पंच, मितानिन एवं अन्य सदस्य गण के द्वारा ग्राम स्तर पर होने वाले प्रत्येक विवाह की जानकारी रखी जा रही है l
लॉक डाउन के दौरान जिला से जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम द्वारा ग्राम पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति के अध्यक्ष - सरपंच, पंचायत सचिव - सचिव,
पंच (तीन ) - सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताये - सदस्य, मितानिन- सदस्य, स्व सहायता समूह की महिलाए - सदस्य आदि को फोन के माध्यम से बाल संरक्षण के विषय - बाल विवाह रोकथाम, चाइल्ड हेल्प लाइन नम्बर 1098 एवं अन्य विषयों पर जानकारी / जागरूक किया जा रहा है l
01 अप्रेल 2021 से अब तक 03 बाल विवाह, जिसे जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में रोके गये हैं l
हाल ही में सूचना प्राप्त हुई कि जिले के देवभोग विकास खंड अंतर्गत मुड़ागाँव के सारदापुर में एक नाबालिग़ बालक का 22 मई 2021 को बाल विवाह होने की बात चल रही है l
प्राप्त सूचना अनुसार श्रीमती जगरानी एक्का , जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन व जिला बाल संरक्षण अधिकारी- श्री अनिल द्विवेदी के निगरानी में जिला बाल संरक्षण इकाई गरियाबंद से श्री शरद चन्द निषाद विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी, श्री अजीत शुक्ला- आउट रीच वर्कर & थाना – देवभोग पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 30. 04. 2021 को बाल विवाह स्थल पर पहुंचकर जाँच किया गया l जाँच के दौरान बालक के पिता द्वारा बताया गया की बचपन से ही वह अपने बालक का विवाह अपने परिचित के यहां करने का विचार बना कर रखा हुआ है
किंतु अभी तक कोई रस्म अदा नही की गई है l टीम द्वारा बालक का आयु सत्यापन किया गया जिसमे बालक की आयु वर्तमान दिन को 17 वर्ष 10 माह 04 दिवस है l जबकि विवाह के लिये बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार बालिका की आयु 18 वर्ष एवं बालक की आयु 21 वर्ष पूर्ण होना चाहिये । निर्धारित आयु से कम आयु में महिला / पुरुष का विवाह करने या करवाने की स्थिति में सम्मिलित व सहयोगी सभी लोग अपराध की श्रेणी में आते हैं। जिन्हें 02 वर्ष तक का कठोर कारावास एवं 01 लाख रूपये तक का जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित किये जाने का प्रावधान है । जिला बाल संरक्षण इकाई टीम द्वारा अग्रिम कार्यवाही करते हुए बालक उसके माता पिता व परिवार वालों को समझाईस दी कि बालक की आयु 21 वर्ष पूर्ण होने पश्चात् ही विवाह करें । सभी लोग बाल विवाह रोकथाम टीम की समझाईस पर सहमति
जताई ।
बाल विवाह ना हो इस विषय को गंभीरता से लेते हुए श्रीमती जगरानी एक्का - जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गरियाबंद जिले के सभी 05 विकास खंड
में बाल विवाह रोकथाम व फालोअप हेतु नोड़ल नामांकित किये गये हैं l
जिसमें गरियाबंद -
प्रदीप जगताप, संपर्क न.(7000202035),
छुरा - शरद चन्द निषाद, (7646964900)
फिन्गेस्वर - पुष्कर साहू (9826563637)
मैनपुर - शैलेंद्र नागदेवे (7646964899)
देवभोग - प्रेम शंकर यादव (8770690529)
शामिल हैं जो नामांकित विकास खंडों में आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं,
पंचायत प्रतिनिधि, स्व सहायता समूह की महिलाएँ, पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति के सदस्य गण से प्रति दिन फालोअप
ले रहे हैं l
प्राप्त सूचना अनुसार बाल विवाह रोकथाम की अग्रिम कार्यवाही की जा रही है l
