जनपद पंचायत शिक्षा समिति एंव डीएमसी- डीईओ आमने-सामने , खबर का असर, ब्यवस्था के नाम पर शिक्षा विभाग में घोटाला ? - fastnewsharpal.com
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जनपद पंचायत शिक्षा समिति एंव डीएमसी- डीईओ आमने-सामने , खबर का असर, ब्यवस्था के नाम पर शिक्षा विभाग में घोटाला ?

 जनपद पंचायत शिक्षा समिति एंव डीएमसी- डीईओ आमने-सामने , खबर का असर, ब्यवस्था के नाम पर शिक्षा विभाग में घोटाला ? 




 तेजस्वी यादव/ छुरा

आदिवासी विकास खंड छुरा के जनपद पंचायत छुरा में जनपद उपाध्यक्ष गौरव मिश्रा  शिक्षा समिति के अध्यक्ष के द्वारा आज 28 जुलाई को शिक्षा स्थायी समिति की बैठक आहूत की गयी थी। 

 बैठक में  लगातार  विभिन्न अखबार के मिडिया ग्रुप में  छप रही शिक्षा विभाग के अनियमितता व भ्रष्टाचार के विषय को लेकर यह अनिवार्य बैठक रखी गयी थी।  

 इस अनिवार्य बैठक में जनपद उपाध्यक्ष गौरव मिश्रा,स्थायी शिक्षा समिति के सदस्य नीलकंठ सिंह ठाकुर, अशोक पटेल, संत राम नेताम, सुखबती टांडे, तत्कालीन बी ई ओ आर एन साहू, आर सी सी महेश साहू,बाबू विरेन्द्र ठाकुर, पंचायत ईसपेक्टर कया राम यादव उपस्थित थे।  

 बैठक में  यह निर्णय लिया गया कि पूर्व मे प्रस्तावित समस्त सहायक शिक्षकों, को एक सत्रांत तक शैक्षणिक व्यवस्था के लिए  समायोजन/व्यवस्था  किया गया था। जिसके परिपालन में  सभी शिक्षक साथी मूल शाला वापस भी हुवे थे। मगर कुछ रसुकदार शिक्षको ने  तात्कालीन बीईओ आर एन साहू को  उच्च स्तरीय अधिकारियों के मौखिक दबाव के चलते व्यवस्था  पर ही पदस्थ रहने का आदेश  बनवा लिया था। बिना शिक्षा समिति के प्रस्ताव व संज्ञान में  लिये बगैर निर्णय को पुनः यथा स्थान में पदस्थ रहने का आदेश प्रसारित किया था।  जिसे जागरुक जनपद उपाध्यक्ष गौरव मिश्रा व स्थायी शिक्षा समिति के सदस्य नीलकंठ ठाकुर ने मिडिया मे  प्रकाशित समाचार को पढ़कर आनन फाइन में  शिक्षा स्थाई समिति की बैठक आहूत की गयी। 

 जिसमे यह निर्णय लिया गया कि  पूर्व मे प्रस्तावित समस्त सहायक शिक्षक, शिक्षको को मूल शाला में  ही पदस्थ रह कर शैक्षणिक कार्य करना होगा। 

 यदि समिति के प्रस्तावित निर्णय को अमान्य करने वाले सहायक शिक्षक ,  व अधिकारी के प्रति उचित निर्णय लेने का  भी प्रस्ताव किया गया। 

 समिति द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि कोई भी स्थायी शिक्षा समिति के प्रस्ताव व निर्णय को सहायक शिक्षक, शिक्षक व जिम्मेदार अधिकारी राजनीति करते हैं  तो वह नौकरी  छोड़कर कर मैदान में  उतरे।  वही उन लोगों के प्रति कठोर कार्यवाही के लिए मुख्य मंत्री, शिक्षा मंत्री, जिला प्रभारी मंत्री,जिला कलेक्टर ,एस डी एम छुरा , डीईओ गरियाबंद को  पत्र लिखकर जांच की मांग की गई है।

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