चालू सत्र में कानून बनाकर करें प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी,छत्तीसगढ़ ग्राम विकास संघर्ष समिति ने की मांग*
चालू सत्र में कानून बनाकर करें प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी,छत्तीसगढ़ ग्राम विकास संघर्ष समिति ने की मांग*
सुरेन्द्र जैन/धरसीवां
छत्तीसगढ़ ग्राम विकास संघर्ष समिति ने सत्तापक्ष ओर विपक्ष दोनो से मांग की है कि दीमक की तरह राज्य की खुशियों को निगल रही शराब को चालू सत्र में कानून बनाकर बन्द करें।
छत्तीसगढ़ ग्राम विकास संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष हुलास साहू ने बताया कि गाँव, राज्य तथा देश के भविष्य के निर्माता युवाओं को और हमारे आने वाले पीढ़ी को नशे के गिरफ्त से बचाने के लिए छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी कानून अत्यंत जरूरी है।
धर्मेन्द्र बैरागी, प्रदेश सचिव, छत्तीसगढ़ ग्राम विकास संघर्ष समिति ने कहा कि छत्तीसगढ़ ग्राम विकास संघर्ष समिति द्वारा शराब बंदी व अवैध शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने छत्तीसगढ़ के गाँव-गाँव ग्राम पंचायत में आवेदन दिया जा रहा है। अभी तक 09 पंचायत समिति को आवेदन सौंपा गया है।
छत्तीसगढ़ ग्राम विकास संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष हुलास साहू ने कहा कि ये सरकारें हमारे युवाओं को और आने वाले पीढ़ी को बर्बाद करने में कोई कसर नही छोड़ रही है। शराबबन्दी के वादे के साथ सत्ता में आई लेकिन अब तक शराबबन्दी के वादे को पूरा नही कर रही है और विपक्ष ने भी कहा था कि चुनाव हार जायेंगे लेकिन शराब नही बाटेंगे। पक्ष और विपक्ष दोनों ही शराबबन्दी पर मौन है। सरकार और विपक्ष एक दूसरे के ऊपर आरोप लगाते रहते है कमियां गिनाते रहते है। लेकिन सरकार किसी के भी हो, शराबबंदी नही करेंगे, इन लोगो सिर्फ शराबबन्दी और अवैध शराब को लेकर राजनीतिक रोटी सेकना है। छत्तीसगढ़ के आम जनता के साथ जो कुछ भी आपराधिक घटनाएं हो रही है पक्ष और विपक्ष दोनों को कोई फर्क नही पड़ता है। आज शराब और अन्य नशा के कारण ही छत्तीसगढ़ में हमारे बहन, बहु बेटियों और महिलाओं के साथ बलात्कार, छेड़खानी, हत्या, चोरी, डकैती अन्य जो आपराधिक घटनाएं हो रही है, इन आपराधिक घटनाओं का सबसे बड़ी जड़ नशा ही है। छत्तीसगढ़ ग्राम विकास संघर्ष समिति सरकार और विपक्ष तथा छत्तीसगढ़ के सभी 90 विधायकों को मांग करते है कि विधानसभा के वर्तमान मानसून सत्र में शराबबन्दी कानून बनाकर छत्तीसगढ़ में शराबबन्दी जल्द ही लागू करे।
समिति के प्रदेश सचिव धर्मेन्द्र बैरागी ने छत्तीसगढ़ वासियों से अपील करते हुए कहा कि आप सभी जल्द ही अपने-अपने पंचायत को आवेदन देवे और ग्राम सभा मे पूर्ण शराबबंदी की प्रस्ताव पारित करे। पंचायती राज व्यवस्था कानून में अंकित है कि न ही लोकसभा, न ही विधानसभा सबसे बड़ी ग्रामसभा इस अधिकार समझना होगा।
छत्तीसगढ़ ग्राम विकास संघर्ष समिति के प्रदेश सहसचिव शिशुपाल निषाद ने अपने निवास ग्राम पंचायत समिति तरेसर को ग्राम समिति सदस्यों के साथ। समिति के सलाहकार व पूर्व सरपंच प्रतिनिधि बिसहत कुर्रे ने ग्राम समिति के सदस्यों के साथ धनसुली पंचायत समिति को, प्रदेश उपाध्यक्ष जीवन लाल साहू ने अपने निवास ग्राम पंचायत समिति कोसमंदी को, भाठापारा ब्लाक अध्यक्ष पीताम्बर साहू ने अपने निवास ग्राम पंचायत समिति देवरी को, धरसींवा ब्लाक अध्यक्ष मानस गोस्वामी जी और ग्राम समिति के सदस्य दुष्यंत साहू, प्रवीण साहू और कमलेश साहू ने ग्राम पंचायत मांढर में सरपंच श्रीमती दशमत ध्रुव को आवेदन सौंपा, जिस पर सरपंच प्रतिनिधि ने सहमति जताई और ग्रामसभा में चर्चा कर सर्वसम्मति से प्रस्ताव करने आश्वासन दिया। उक्त जानकारी देते हुए समिति के प्रदेश सहसचिव शिशुपाल निषाद ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर शराब बंदी व अवैध शराब बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध चाहते हैं तो आप भी अपने जिम्मेदारी को समझें और अपने पंचायत समिति को आवेदन सौंपें। हमारे छत्तीसगढ़ में ग्रामीण आबादी अधिक है तो हम मुहिम ग्रामीण क्षेत्र से ही शुरुआत किए हैं। हर ग्रामीण का कर्तव्य है कि वह अपने गांव को पूर्ण शराबबंदी कर गांव के हर नागरिक को खुशहाल जीवन जीने और गांव के विकास में भागीदारी सुनिश्चित करें।


