आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..23-08-2021*..🎋


✍🏻दुनिया के लिए आप एक व्यक्ति है, लेकिन परिवार के लिए आप पुरी दुनिया है, इसलिए आप अपना ख्याल रखे।

💐 *Brahma Kumaris Daily Vichar* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻शुभचिंतक वो नही होते जो आपसे रोज़ मिलें और बातें करें। शुभचिंतक वो है जो आपसे रोज़ ना भी मिल सकें फिर भी आपकी ख़ुशी के लिए प्रार्थना करें।

🌹 *Brahma Kumaris Daily Vichar*🌹

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💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*23 अगस्त:-*_ स्वयम में स्नेह और ईश्वरीय याद की शक्ति भरने से सभी हर कार्य में आपके सहयोगी बन जाएंगे।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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     ओम शांति
 *अनहोनी होती नही,तू क्यों हुआ उदास,*
*होनी भी टल जाती, रख बाबा में विश्वास..*
*जितने आये कष्ट सब, कर लेना मंजूर,*
*लेकिन बाबासे ,कभी न होना दूर*
    *ओम शांति* 👏
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
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    ओम शांति
    *_उन लोगों की उम्मीदों को टूटने मत देना..._*
      *_जिसकी आखिरी उम्मीद ""सिर्फ तुम"" हो !!!_*
              *_🙏ॐ शांति🙏_*
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अनमोल वचनः

गौर करें-हम खुश होते हैं या दुःखी होते हैं,सिर्फ अपने सोचने के तरीके के कारण, 
यानि हम जैसा सोचते हैं वैसे ही एहसास से भर जाते हैं, इसलिए अगर हम सदा सुखी रहना चाहते हैं,तो बस हमें अपने सोचने का तरीका बदलना होगा। हमेशा खुश रहें,मस्त रहें!! 

🙏ओम् शान्ति🙏

🎈आपको और आपके पूरे परिवार  को राखी के पावन त्योहार की हार्दिक शुभकामनाएँ🎈

☘️आपका दिन शुभ हो ☘️

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🙏 *ॐ शांति* 🙏

आप अपने *कानों* व *आँखों* से क्या सुनते व देखते हैं यह आपके पुराने संस्कारों पर निर्भर करता है, क्योंकि आत्मा अपनी इंद्रियों द्वारा उसी रस की ओर आकर्षित होती है जो उसने पहले *अनुभव* किया है। अब यदि आप पुराने *संस्कारों* के अनुसार ही अपनी *इंद्रियों* का प्रयोग करेंगे तो आपके जीवन में कुछ भी बदलने वाला नहीं...

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐

*ओम शांति ब्रह्मा मुख द्वारा निराकार शिव भगवानुवाच l*

 ♥ 
🇲🇰मीठे बच्चों, मैं निराकार परमपिता परमात्मा, आया हूं तुम बच्चों की सेवा पर l अब मेरी ही याद में रहो, देह अभिमान और देह भान को छोड़कर l🇲🇰

🚩बहुत दुख उठाया तुमने मुझ पिता को और अपने आप को भूलकर l अभी मीठे सुखदाई बनो, आत्म स्वरूप में स्थित होकर l🚩

❣️व्यक्त और व्यर्थ की आदतों को मिटाकर, चले जाओ अपने भीतर l अपने को अति सूक्ष्म बिंदु समझकर, मुझ बिंदु बाप में रहो, सदा समाकर l❣️

🧎🏻नहीं है कुछ भी मुश्किल, ठान लो मन में अगर l अविनाशी आत्मा हो तुम, अजर अमर lक्यों भूल जाते हो, विनाशी चीजों में मोह रखकर l🧎🏻

🕺🏼अब चलते चलो सदा, मेरी ही श्रीमत पर l मुझ सर्वशक्तिमान बाप का, साथ लेकर l इस देह में रहो, विदेही बनकरl 🕺🏼 फिर साथ चलेंगे, घर उड़कर l🤴🏻


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