*दिव्यांग द्रोपण दीवान ने अपनी शिक्षा के लिए मांगी भीख*
*दिव्यांग द्रोपण दीवान ने अपनी शिक्षा के लिए मांगी भीख*
तेजस्वी/छुरा
दिव्यांगो को आगे बढ़ने, शिक्षा देने का दंभ भरने वाले सरकारों के लिए कुमारी द्रोपण दीवान ने एक करारा जवाब दिया है । जन्म से दोनों आंखों को खो देने वाली कु. द्रोपण उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक तंगी से गुजर रही है संगीत विषय लेकर द्वितीय सेमेस्टर शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय माना रायपुर में अध्ययनरत है लेकिन उसके माता पिता सक्षम नहीं है इसके लिए उन्होने कलेक्टर, एसडीएम तक गुहार लगा चुकी है शासन प्रशासन ध्यान नहीं दिया है इसने मांग किया था पढ़ाई हेतु लैपटाप एवं संगीत हेतु आर्गन की मांग किया था जब कोई रास्ता नहीं मिला तो उन्होंने छुरा नगर के बजरंग चौक में अपनी झोली फैलाकर अपने लिए आर्थिक सहयोग करने ( गुहार) आवाज लगाई साथ ही लोगो को सड़क दुघर्टना से होने वाली दर्द को गीतों में बयान करते गीत "सड़कों पर अक्सर दुघर्टना होती है" गाकर सड़कों पर चल रहे वाहन चालकों को आगाह किया व उनके परिवार को भुगतने वाले दर्द को सुनाया साथ ही उस शिक्षा के लिए प्रयास करने वाले को संघर्ष करना पड़ता है।
जिसे अपनी गीतों के माध्यम से व्यक्त करते हुए "कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती" गीत गाकर अपने जज्बातों को रखा । समाजसेवी शीतल ध्रुव ने उनकी व्यथा व भावना को जनसमुदाय तक पहुंचाने में उनकी मदद की । वीडियो वायरल होने पर लोकेश्वर वर्मा ( एल्डरमैन) ने अपने फोन को प्रथम पंचायत मंत्री एवं राजिम विधानसभा के विधायक अमितेश शुक्ल ने बेटी द्रोपत से फोन से बात किया और अमितेश शुक्ल ने पांच हजार की राशि आर्थिक सहयोग दिया साथ ही कौशल ठाकुर ( सर्व आदिवासी समाज के तहसील अध्यक्ष) ने आर्थिक सहयोग प्रदान किया । इनका सपना बड़ी होकर कलेक्टर बनने का है ।

