राज्य शासन के आदेश को पंचायत सचिव ने किया दरकिनार ,छुरा जनपद पंचायत के मेडकीडबरी में शासन का नहीं, सचिव का चलता है नियम कानून ,अगस्त माह में ग्राम सभा का नहीं हुआ आयोजन
राज्य शासन के आदेश को पंचायत सचिव ने किया दरकिनार ,छुरा जनपद पंचायत के मेडकीडबरी में शासन का नहीं, सचिव का चलता है नियम कानून ,अगस्त माह में ग्राम सभा का नहीं हुआ आयोजन
तेजस्वी यादव/छुरा
गरियाबंद जिले के छुरा विकास खण्ड के मेडकीडबरी ग्राम पंचायत जो छत्तीसगढ़ ओडिशा सीमा क्षेत्र में स्थित है नक्सल प्रभावित इलाके के ग्राम पंचायत मेडकीडबरी जहां अस्सी प्रतिशत आदिवासी निवास करते हैं। अपने मौलिक अधिकार का ज्ञान रखने वालों की संख्या नाम मात्र के लोग है जो हमेशा ठगे जाते हैं। पंचायत सचिव ईसाइ राम ध्रुव ने पन्चनबे ग्रामीणों के घरों में शौचालय निर्माण का कार्य प्रारंभ ही नहीं किया था। और फर्जी उपयोगिता प्रमाणपत्र जिला पंचायत में जमा कर दूसरी किश्त की राशि आहरण कर अपने जेब में महिनों तक रखा रहा। पंचायत के जागरूक पंचों ने कलेक्टर गरियाबंद को शिकायत पत्र प्रेषित किये तब कलेक्टर के आदेश पर डिप्टी कलेक्टर रुचि शर्मा ने टीम बनाकर घर घर जाकर देख कर हैरान हो गयी कि दो किश्त में भुगतान हो गया उपयोगिता प्रमाण पत्र भी जमा हो गए लेकिन शौचालयों का निर्माण प्रारंभ नहीं हुआ है। रुचि शर्मा ने अपने जांच रिपोर्ट प्रतिवेदन में शौचालयों का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होना एंव दो किश्त में भुगतान सचिव द्वारा आहरण करने के साथ ही लगभग नौ लाख रुपये पंचायत के खाता से आहरण कर लिये जाने का उल्लेख करते हुए जिला पंचायत गरियाबंद को भेजा गया है आज दो महीने बीतने के बाद भी मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गरियाबंद के द्वारा उक्त पंचायत सचिव को नोटिस भी जारी नहीं किया जाना अनेकों संदेह को जन्म देता है। डिप्टी कलेक्टर रुचि शर्मा के जांच प्रतिवेदन पर कार्यवाही शुरू नहीं होना ही बया करता है कि उक्त पंचायत सचिव पर जिला प्रशासन मेहरबान है ?
छत्तीसगढ़ शासन पंचायत संचनालय छत्तीसगढ़ के आदेश 17/08 /21 क्रमांक 269 के तहत ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा का आयोजन पंचायत क्षेत्र के गांव में किया जाने का आदेश था लेकिन मेडकीडबरी ग्राम पंचायत सचिव ईसाइ राम ध्रुव ने संचालक आर प्रसन्ना पंचायत संचनालय छत्तीसगढ़, कलेक्टर गरियाबंद, मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के ग्राम सभा आहूत करने के आदेश को रद्दी की टोकरी में डाल दिया और आज दिनांक तक ग्राम सभा का आयोजन भी नहीं किया इससे साफ जाहिर होता है कि पंचायत सचिव का पकड कही नियम कानून से उपर है ? उक्त पंचायत सचिव पूर्व में दो बार निलंबित हो चुका है गबन के मामले में बाहल होकर दो पंचायत के प्रभार में पदस्थ है ।
दर्जन भर पंचों ने सरपंच के उपर अविश्वास प्रस्ताव का आवेदन एसडीएम अंकिता सोम को दिये हैं।
ग्राम पंचायत गठन के बाद से आज तक ग्राम सभा का सम्मेलन नहीं होने की बात मेडकीडबरी उप सरपंच मूलचंद सोरी सहित पंचों एंव ग्रामीणों ने बताया।
पंचायत सचिव ईसाइ राम ने भी ग्राम सभा का आयोजन नहीं होना बताया।

