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देखे वीडियो---सड़को पर उतरे स्कूली छात्र छात्राएं,एनएच की अदूरदर्शिता से हो रही दुर्घटनाए,सिक्स लाइन को बना दिया दुर्घटना लाइन

सड़को पर उतरे स्कूली छात्र छात्राएं,एनएच की अदूरदर्शिता से हो रही दुर्घटनाए,सिक्स लाइन को बना दिया दुर्घटना लाइन



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   सुरेन्द्र जैन/ धरसीवां

रायपुर बिलासपुर नेशनल हाइवे को सांकरा से सिमगा तक सिक्स लाइन बनाया गया है लेकिन बेतरतीब ढंग से इंजीनियरों की अदूरदर्शिता  से निर्मित सिक्स लाइन सांकरा से सिलतरा चरोदा तक दुर्घटना लाइन बनकर रह गया है अब स्कूली छात्र छात्राओं ने भी आये दिन के हादसों से तंग आकर आन्दोलन शुरू कर दिया है।

    आंदोलनरत मुरेठी के स्कूली छात्र छात्राओं के पालक एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि मुरेठी के छात्र छात्राएं पढ़ाई करने सिलतरा स्कूल जाते हैं लेकिन निर्माण के पूर्व मांग करने के बाबजूद पुराने चौक में अंडरब्रिज का निर्माण नही किया गया इस कारण छात्र छात्राओं को अपनी साइकिलें  सिक्स लाइन के पहले ही सीएसआईडीसी प्रांगण में छोड़कर पैदल जान हथेली पर रखकर सिक्स लाइन पार कर स्कूल जाना पड़ता है सिक्स लाइन निर्माण में अद्धिकारियो ने न तो ग्रामीण मजदूरों का ध्यान रखा न वाहनों का न ही स्कूली विद्यार्थियों का परिणाम स्वरूप आये दिन यहां किसी न किसी की हादसे में मृत्यु हो रही है।

 *सांकरा में भी नही बनाया अंडरब्रिज* 



   निर्माण के पूर्व ही जनसुनवाई में तय होने के बाबजूद एनएच ने सांकरा में भी अंडरब्रिज का निर्माण निहि किया उल्टा सांकरा की जहां सीमा समाप्त होता है वहां दुर्घटना पॉइंट बना दिया।

  *जिला पंचायत सदस्य गए चर्चा को*








  मुरेठी निवासी जिला पंचायत सदस्य हरिशंकर निषाद अपने क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को लेकर भारी चिंतित हैं पूर्व में भी उन्होंने बच्चो के आन्दोलन को समर्थन दिया था बर्तमान में भी  सुबह से ही वह आआन्दोलन में बच्चों के साथ रहे और एनएच के उच्चाधिकारियों से चर्चा करने रायपुर ऑफिस गए हुए हैं ।

   *सिक्स लाइन के पूर्व एवं पश्चिम में फैली हैं ओधोगिक इकाइयां*




  एनएच के अद्धिकारियो इंजीनियरों की अदूरदर्शिता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सांकरा से सिलतरा चरोदा तक सिक्स लाइन के पूर्व दिशा में एवं पश्चिम दिशा में बड़ी संख्या में ओधोगिक इकाइयां फैली हुई हैं और रोजाना हजारों ग्रामीण महिला मजदूरों का इन फेक्ट्रियो में आसपास के गांवो से पैदल आना जाना होता है जो जान हथेली पर रखकर सुबह शाम सिक्स लाइन को पार करती हैं एनएच के अद्धिकारियो ने न जाने कैसा स्टीमेट बनाया की सांकरा चौक सिलतरा चौक सिलतरा पुराना चौक में भी कहीं सिक्स लाइन पर चढ़ने उतरने तक की व्यवस्था निहि की इस कारण सांकरा से सिलतरा तक सर्विस रोड दिनभर सिक्स लाइन से अधिक व्यस्त रहता है वहीं सर्विस रोड भी इतना अधिक संकीर्ण बन्याय है कि दो वाहनों को आमने सामने आने पर साइड लेने में भी दिक्कत होती है ।

  *साइडों में गहरे हरे गड्ढे*

सांकरा से सिलतरा तक बनाये गए सर्विस रोड की साइडें भी ऐंसी बनाई गई हैं कि दोनो तरफ गहरे गहरे गड्ढे हैं जिनमे अक्सर वाहन दुर्घटना ग्रस्त होते रहते हैं ।

*मुआबजा की राशि से तान दी पुनः दुकानें*

   सांकरा से सिमंगा तक सिक्स लाइन निर्माण के पूर्व जिनकी भी दुकान मकान को  चौड़ीकरण के लिए हटाना था  उन्हे उनकी पूरी जमीन का लाखों रुपये मुआवजा प्रदान किया गया था लेकिन सर्विस रोड बनते ही सर्विस रोड के किनारे ही उनमें से अधिकांश लोगों ने मुआबजे की राशि से पहले से भी शानदार दुकाने एवं मकानों के निर्माण कर लिया जबकि सिक्स लाइन निर्माण में उन्हें मुआवजा मिलने के बाद उनकी दुकान व मकानों के पीछे वाले रहवासियों का भाग्य जागा था कि वो हाइवे किनारे कहलाते लेकिन सर्विस रोड के किनारे पुराने मुआवजधारियो ने ही मकान व दुकाने बनाकर दोनो हाथों में लड्डू रखने का काम किया इससे भी कहीं कहीं जहां दुकाने सर्विस रोड के बहुत नजदीक बन गई वहां अक्सर जाम की स्थिति व दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

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