प्रतिदिन की भांति ऑनलाइन सत्संग का आयोजन संत श्री राम बालक दास जी के द्वारा विभिन्न ग्रुपों में किया गया
प्रतिदिन की भांति ऑनलाइन सत्संग का आयोजन संत श्री राम बालक दास जी के द्वारा विभिन्न ग्रुपों में किया गया
इसकी विशेषताएं है कि इसमें भक्तगण जुड़ते हैं और सत्संग तो कहते हैं और विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासा रखते हैं और उसका समाधान बाबा जी की द्वारा प्राप्त करके अपने ज्ञान में उत्तरोत्तर वृद्धि करते हैं
आज की सत्संग परिचर्चा अरुण पांडे जी ने जिज्ञासा रखिए कि कार्तिक मास के क्या महिमा है और कार्तिक स्नान का क्या महत्व है, बाबा जी ने बताया कहते हैं, कार्तिक मास में सभी तीर्थ से जल में निवास करते हैं, अलग-अलग तिथि में अलग-अलग बनस्पति नदी पहाड़ में तिर्थो का निवास माना गया है, जो एकादशी और पूर्णिमा में तीर्थों में नहाने पर फल मिलता है वहां कार्तिक मास में प्रतिदिन स्नान करने पर प्राप्त होता है कार्तिक मास में ब्रह्म मुहूर्त में उठकर यदि आपके आसपास नदी सरोवर हो तो वहां जाकर और यदि ना हो तो घर में गंगा जल मिलाकर सभी तीर्थों का आह्वान करके स्नान करना चाहिए, जितना हो सके बाहर के प्राण वायु को हमारे अंदर ग्रहण करना चाहिए तुलसी त्रिवेणी वटवृक्ष को जल चढ़ा कर वहां पर दिया लगाना चाहिए और अपने घर के द्वार पर भी दिए लगाना चाहिए इस तरह से हमारी संस्कृति का यह सर्वोत्तम घोतक है जो कि हमारे स्वास्थ्य की दृष्टि से भी बहुत महत्व है इस समय ब्रह्म मुहूर्त में जो हवाएं चलती है वह प्राण वायु के समान होती है इसीलिए इस तरह का विधान हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा रचित किया गया है ताकि लोग धार्मिक रूप से इस कार्तिक मास में जुडे
इस प्रकार से आज का ऑनलाइन में संपन्न हुआ
जय गौ माताजी जय गोपाल जय सियाराम