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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने एक नवम्बर से धान खरीदी समेत किसानों की अन्य समस्याओं पर ली प्रेसवार्ता

 किसानों का धान खरीदने राज्य सरकार गंभीर नहीं- विष्णुदेव साय



भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने एक नवम्बर से धान खरीदी समेत किसानों की अन्य समस्याओं पर ली प्रेसवार्ता



गरियाबंद

 छत्तीसगढ़ में धान की फसल अब तैयार हो गई है, लेकिन राज्य शासन द्वारा इस सत्र में इसकी खरीदी को लेकर किसी तरह की घोषणा नहीं किए जाने से किसानों में बेचैनी है। उक्त बातें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने गरियाबंद प्रवास के दौरान पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पत्रकारों से कही है। 


प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि प्रदेश में मुख्यरूप से 'महामाया' और 'सरना' दो किस्म के धान की खेती होती है। इसमें महामाया जहां 115 से 125 दिन में तैयार हो जाता है, वहीं सरना 130 से 145 का समय लेती है। प्रदेश में 15 जून से लेकर 30 जून तक फसल की बुवाई पूरी हो जाती है। ऐसे में महामाया धान की फसल की कटाई का काम जहां नवम्बर के पहले सप्ताह में पूरी हो जाएगी, वहीं सरना की कटाई भी पहले सप्ताह में ही शुरू हो जाएगी।


उन्होंने आगे कहा है कि किसानों को कटाई और मिजाई के लिए भी पैसे की ज़रूरत होती है, इसके साथ ही हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार दीपावली भी पहले सप्ताह में ही होने के कारण किसानों को पैसों की सबसे अधिक आवश्यकता इसी समय होती है। लेकिन अभी तक शासन द्वारा धान खरीदी का कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। भाजपा के शासन काल में लगातार एक नवम्बर से धान खरीदी के लिए हल्ला करने वाली कांग्रेस अभी तक इस मामले पर चुप्पी साधे हुई है जिससे किसानों का धैर्य अब टूटता जा रहा है।


प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में इसी तरह धान के रकबे को गुपचुप ढंग से कम किए जाने की साजिश भी कांग्रेस सरकार रच रही है। अफसरों पर दबाव डाला जा रहा है, कर्मचारियों को जबरन धान का रकबा कम दिखाये जाने का निर्देश दिया जा रहा है। रकबे को काफी कम कर धान खरीदने के अपने कर्तव्य से प्रदेश सरकार बचना चाह रही है। कहा कि कांग्रेस द्वारा शुरू से ही अपने घोषणा पत्र के उलट केवल 15 क्विंटल धान खरीद कर किसानों के साथ धोखा कर रही है। चुनाव के समय कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी घोषणा की थी कि किसानों का एक-एक दाना धान खरीदेंगे। तो अब किसानों का दाना-दाना खरीदने में आखिर भूपेश सरकार को क्या दिक्कत है? जबकि लगभग पूरा चावल केंद्र सरकार खरीदने तैयार है। ऐसा लगता है कि दुर्भावनावश यह सरकार प्रदेश की जनता को अन्य योजनाओं की तरह धान खरीदी में भी केंद्र की भाजपा सरकार के निर्णयों का लाभ नहीं लेने दे रही है।


उन्होंने कहा कि इसी तरह केंद्र सरकार लगातार फसलों के एमएसपी में वृद्धि करती जा रही है, लेकिन छत्तीसगढ़ के किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। कांग्रेस सरकार अपने वादे के अनुसार धान का 25 सौ रूपये प्रति क्विंटल कीमत एकमुश्त तो नहीं ही दे पा रही है, ऊपर से केंद्र द्वारा हर सत्र में जो समर्थन मूल्य बढाया जा रहा है, उसका भी लाभ किसानों को नहीं दिया जा रहा है। पिछले सत्र में केंद्र ने धान के समर्थन मूल्य में करीब 300 रूपये की वृध्दि की है। इस अनुपात में प्रदेश के किसानों को अगले फसल के लिए न्यूनतम 2800 रूपये प्रति क्विंटल धान की कीमत एकमुश्त देने की घोषणा करना चाहिए।


पत्रकारवार्ता के दौरान भाजपा ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि धान खरीदी हर हाल में एक नवंबर से प्रारंभ करे। धान की पूरी कीमत का भुगतान एकमुश्त हो। पिछला बकाया भुगतान तुरंत हो। केंद्र द्वारा एमएसपी में लगातार किये गए वृद्धि का लाभ किसानों को देना सुनिश्चित हो। गिरदावरी के बहाने रकबा कटौती पर पूरी तरह रोक लगाए जाएं। कांग्रेस की घोषणा के अनुरूप किसानों का दाना-दाना धान खरीदे जाएं। घोषणा पत्र में किए वादे अनुसार किसानों को दो वर्ष का बकाया बोनस दिए जाए।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ पत्रकारों को षड्यंत्रपूर्वक फंसाए जाने को लेकर आपत्ति करते हुए कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार तो प्रजातंत्र के चौथे स्तम्भ कहलाने वाले पत्रकारों को भी जेल में डालने के अभियान में लगी हुई है। 


इस अवसर पर बिन्द्रानवागढ़ विधायक डमरूधर पुजारी, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेश साहू, पूर्व संसदीय सचिव गोवर्धन सिंह मांझी, पूर्व विधायक राजिम संतोष उपाध्याय, भाजपा जिला महामंत्री अनिल चंद्राकर, वरिष्ठ भाजपा नेता मुरलीधर सिन्हा उपस्थित थे।

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