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ऑनलाइन सत्संग का आयोजन संत श्री रामबालक दास जी द्वारा उनके विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में द्वारा

 ऑनलाइन सत्संग का आयोजन संत श्री रामबालक दास जी द्वारा उनके विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में द्वारा



प्रतिदिन की भांति कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर आज भी ऑनलाइन सत्संग का आयोजन संत श्री रामबालक दास जी द्वारा उनके विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में प्रातः 10:00 बजे किया गया जिसमें कार्तिक पूर्णिमा से जुड़े हुए भक्त गणों के जिज्ञासायों का समाधान बाबा जी द्वारा किया गया

          डुबोबत्ती यादव जी ने जिज्ञासा रखी की  कि... गुरुनानकदेव जी उनके जीवन चरित्र पर प्रकाश डालने की कृपा करे भगवन जी और इस दिन को प्रकाश पर्व के रुप में क्यों मनाया जाता है, बाबा जी ने बताया कि गुरु नानक जी, का जन्म सिंध क्षेत्र में हुआ था वे ऐसे ऋषि महात्मा का पुनः अवतार थे जिन्होंने हमारे संतो जैसे तुलसीदास जी सूरदास जी मीराबाई आदि महान कवियों के ही भक्तिपदों को सिंध भाषा में अनुवादित करके संग्रहित किया, इन्हीं महान वाणियां  जिनमें सभी धर्मों का हित संग्रहित हैँ को उन्होंने सर्वप्रथम पूजनीय बताया और गुरु परंपरा को समाप्त करते हुए गुरु ग्रंथ साहिब को ही उन्होंने सबका गुरु बताया, उन्होंने ऐसे पंथ की संरचना की जो की पूर्णता पवित्र थी जिसे खालसा कहा जाता है उन्होंने शस्त्र परंपरा को अपनाया और यह परंपरा खालसा परंपरा के अंतर्गत आई जिसे आज भी गौरव रूप में देखा जाता है

                     ठाकुर राम साहू जी ने जिज्ञासा रखी की गुरुदेव मेरी जिज्ञासा है कि आज की पूर्णिमा व्रत की कथा बताएं, बाबा जी ने बताया कि, आज के दिन गुरु नानक जी का जन्म हुआ था इसीलिए यह पर्व प्रकाश पर्व के रूप में सिख लोगों के लिए बहुत अधिक महत्व रखता है इसके साथ ही हिंदू धर्म में आज के दिन माना गए विष्णु भगवान ने मत्स्य अवतार लिया था इसीलिए आज के दीन जल का बहुत अधिक महत्व होता है और आज के दिन सभी लोग सुबह 4:00 बजे से उठ कर तीर्थों में स्नान करते हैं, आज के दिन भगवान शंकर जी ने त्रिपुरासुर का वध करके त्रिपुरारी की उपाधि प्राप्त किया था, और आज के दिन ही है कृतिका जिन्होंने भगवान कार्तिकेय को प्राप्त किया था इसीलिए कार्तिक पूर्णिमा का बहुत अधिक महत्व है

            पुरुषोत्तम अग्रवाल जी ने प्रकाश पर्व पर जिज्ञासा रखी की सुनि पुकार दातार प्रभु गुरूनानक जग महि पठाइया।

सतगुरु नानक प्रकटिया मिटी धूंधूं जगि चानणु होइया।

बाबाजी कृपया प्रकाश डालेंगे।,  बाबा जी ने बताया कि लोगों की करुण वाणी सुनकर ही भगवान ने जग में प्रकाश फैलाने के लिए गुरु नानक जी का अवतार लिया, और उन्हीं के ज्ञान के प्रकाश में इस जगत का अंधकार धू-धू करके सिमट गया है, यह प्रकाश ज्ञान हमें आज के दीन प्राप्त हुआ इसीलिए इस दिन को प्रकाश पर्व कहा जाता है

  इस प्रकार आज का ऑनलाइन सत्संग संपन्न हुआ

 जय गौ माता जय गोपाल जय सियाराम

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