छत्तीसगढ़ी लेख
आगे देवारी सुआ नाचबोन---
सोमवार, 1 नवंबर 2021
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आगे देवारी सुआ नाचबोन---
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चल नाचे ल जाबोन रे संगी,
आगे देवारी सुआ नाचबोन।
माटी के सुग्घर बनाके मिट्ठू,
हरियर रंग ल रंगा देबोन न,
चल नाचे ल जाबोन---
बच्छर भर म देवारी ह आथे,
घर अंगना ह सुग्घर लिपाथे।
बेटी मन करत रहिथे अगोरा,
सुआ नाचे बर करथे वो जोरा,
तरी हरि,नाहा ,ना ना ना री-2
कहिके सुआ हम गा लेबो न,
चल नाचे ल जाबो रे बहिनी,,,
बड़े बिहनिया ले हमन संवरबोन,
लाली,हरियर के लुगरा पहिरबोन।
गांव- शहर अउ अली-गली जाबोन,
सब ला सुग्घर आशीष दे के आबोन।।
सुख समृद्धि ह घर-घर म आए,
मन के मनौती मना आबोन न,
चल नाचे ल जाबोन----
रचनाकार--श्रवण कुमार साहू,"प्रखर"
शिक्षक/साहित्यकार,राजिम, गरियाबंद(छ. ग.)
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