आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..17-12-2021*..🎋


✍🏻लोक कल्याण से दूसरों का जितना भला होता है उससे अनेक गुना अपना होता है। क्योंकि परमार्थ से अपने ही गुण, कर्म और स्वभाव की मात्रा बढती है।

💐 *Brahma Kumaris Daily Vichar* 

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻जीवन की हर समस्या के भीतर एक उपहार छुपा होता है इसीलिए जो समस्या आए तो निराश मत होइए उसका अंत आपकी उम्मीदों से सुंदर हो सकता है।

🌹 *Brahma Kumaris Daily Vichar*🌹

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💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*17 दिसंबर:-*_ जिनके जीवन में संतुलन है वहाँ सफलता का वास है।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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    ॐ ॐ ॐ
*किसी ने कटु वचन कहे तो सह लिया। किसी ने यथोचित सम्मान न दिया तो सह लिया और कभी आपके मनोनुकूल कोई कार्य न हुआ तो सह लिया, बस इसी का नाम तो सहनशीलता है। जिस तरह एक जौहरी किसी मूल्यवान आभूषण के निर्माण से पहले स्वर्ण को टुकड़े - टुकड़े करता है, अग्नि में तपाता है और पीटता है मगर स्वर्ण इतने आघातों को सहने के बावजूद भी कभी विरोध नहीं करता अपितु जौहरी की ही रजा में राजी रहता है, इसी को  समर्पण कहा जाता है।*
         ओम शांति
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*यूं तो ऐ ज़िन्दगी तेरे सफर से शिकायतें बहुत थीं मगर दर्द जब दर्ज कराने पहुंचे, तो कतारें बहुत थीं*
*"वो दे दे तो शुक्र कर*"

*"ना दे तो सब्र कर*"

*ऐ बंदे,तू अपनी जिन्दगी में..*

*इन दो बातों पर अमल कर.*.
        ओम शांति
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              ॐ ॐ ॐ                         
*मनुष्य शरीर से उतने पाप नहीं करता जितने मन से करता है। इसलिए कहते हैं कि मन को परमात्मा के पास समर्पित कर दो तो कोई गलत काम नहीं हो पाएगा। इसलिए कहते हैं कि अगर मन साफ है तो किसी तीर्थ स्थलों में यात्रा कर नहाने की जरूरत नहीं इस संसार में जितने भी लोग आयेऔर आकर चले गये या जो अभी जिन्दा है उन सभी लोगों से हमारा रिश्ता सिर्फ़ शक्ल और शरीर का है। कभी आपने सोचा है कि जिस दिन ये शरीर और ये शक्ल नहीं रहेगी तो हमे कौन पहचानेगा सिर्फ " परमात्मा" और कोई नहीं 
        ओम शांति
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अनमोल वचन :

जिस प्रकार एक परिवार में पिता मुखिया होता है,ऐसे ही इस संसार रूपी परिवार का मुखिया निराकार परमपिता परमात्मा शिव है।

🙏ओम् शान्ति🙏

🌻आपका दिन शुभ हो 🌻

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🔥🔥 शुभ अमृतवेला योग  🔥🔥

संगम युग परमात्म - स्नेह का युग है --इस युग के महत्व को जान   परमात्मा के स्नेह की अनुभूतियों  में  समा जाने वाली मैं आत्मा भृकुटि सिंहासन पर विराजमान हूँ --अविनाशी चैतन्य सितारा हूं ---पांच तत्वों से बने इस जड़ शरीर की मालिक हूँ----सर्व कर्मेन्द्रियों की भी मालिक हूँ ---ज्ञानी  योगी  आत्माओं की सभी कर्मेन्द्रियां  शीतल हो जाती हैं --चंचलता समाप्त हो जाती है --अवस्था  एकरस हो जाती है।

ऐसे रूहानी स्नेह का सदा अनुभव करने वाले ही ज्ञानी योगी आत्मा बन जाते हैं--- वे निरन्तर ज्ञानधन  और योगबल का अविनाशी  खजाना दान करते रहते हैं --
परमात्म-- स्नेही  आत्माएँ  विश्व कल्याण और स्व कल्याण के अर्थ अपनी सुख सुविधाओं का त्याग कर ईश्वरीय सेवाओं के निमित्त बन जाते हैं --सर्वस्व समर्पण कर ईश्वरीय दिलतख्त के अधिकारी बन जाते हैं।

मैं  आत्मा बिन्दु बन बिन्दु बाप को याद कर रही हूँ --- शिवज्योति दिव्य सितारे को निरन्तर निहार रही  हूं ----स्नेह के सागर स्नेह के हीरे मोती लुटा  रहे हैं ---मैं ईश्वरीय सम्पदा से  स्वयं को भरपूर कर रही हूँ।

मुझे सदा सत्यपिता परमात्मा के संग में रहना है --सच्चा सतसंग स्वउन्नति का साधन  है और  कुसंग  पतन  की  जड़ है ---श्रेष्ठ संग द्वारा  श्रेष्ठ चरित्र का निर्माण होता है --ये परमात्म--स्नेह के हीरे मोती अनमोल हैं ---इन से सदा सजे सजाए  रहना है ---मैं आत्मा बापदादा के स्नेह के बंधन में बंधती जा रही हूँ ---मुझ आत्मा का लौकिक  संबंधों से मोह छूटता जा रहा हैं --सर्व मित्र - संबंधियों की वास्तविकता प्रत्यक्ष हो रही है -- मैं आत्मा सभी मोह के विनाशी बन्धनों से मुक्त होती जा रही हूँ।

हम संगम युगी आत्माएँ सबसे खुशनसीब हैं क्योंकि स्वयं भगवान हमारी  सस्नेह पालना कर रहे हैं --हमें प्यार से पढ़ा रहे  हैं -- हमें योग्य बना रहे हैं -- बेहद के रूहानी नशे का अनुभव करते रहें और कराते रहें।

परमात्मा से स्नेह ही योग है और स्नेह में समा कर स्वयं को पतित से पावन बनना और स्वयं की शक्तियों और क्षमताओं को बढ़ाना ही सम्पूर्ण ज्ञान है-- यही विश्व परिवर्तन का महामंत्र है।
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एक बहुत ही सुंदर सी बात


जब हमारे मोबाइल मे बेलेंस की कमी होती है तो हम सामने वाले को मिस कॉल करते हैं। तो सामने वाला हमें कॉल करता है और बात होती है। और हम पक्के होते हैं कि वो कॉल जरूर करेगा लेकिन मिस कॉल तो हमें ही करना पड़ता है।यही रिश्ता हमारा परमात्मा के साथ होना चाहिए। हमें रोज़ उन्हें अमृत वेले उठकर मिस कॉल करनी चाहिए क्योंकि अमृत वेले में लाईन बिजी नही मिलती। वो कॉल जरूर करेंगे बस उन्हें तो पता चले की किस नंबर से काल आयी है। 

सो सभी प्रभु प्रेमी अमृत वेले उठने की कोशिश करें और परमात्मा की रहमत पाकर अपने को दिन भर के लिए रिचार्ज करें। हमें सिर्फ एक कदम उठाना है वो तो सौ कदम उठाने के लिए तैयार है लेकिन पहला कदम तो हमें ही उठाना पड़ेगा।


             🙏 ओम शांति 🙏

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