आज का सुविचार
आज का सुविचार-चिंतन
आज का सुविचार(चिन्तन)
मंगलवार, 11 जनवरी 2022
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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠
🎋 *..11-01-2022*..🎋
✍🏻भाग्य उन्हीं पर मेहरबान होता है, जो बाँहें चढाकर अपने कंधो को कष्ट देने को तैयार रहते हैं, परिश्रम सौभाग्य की जननी है, देने के लिये दान, लेने के लिये ज्ञान और त्यागने के लिए अभिमान सर्वश्रेष्ठ है।
💐 *Brahma Kumaris Daily Vichar* 💐
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💥 *विचार परिवर्तन*💥
✍🏻सही कर्म वह नहीं है, जिसके परिणाम हमेशा सही हो, अपितु सही कर्म वह है, जिसका उद्देश्य कभी गलत ना हो। जिंदगी में पराया कोई नहीं होता सिर्फ मन का वहम है, भरोंसा रूका तो इंसान पराया होता जाता है, और सांसे रूकी तो शरीर।
🌹 *Brahma Kumaris Daily Vichar*🌹
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💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*11 जनवरी:-*_ विपरीत परिस्थिति में स्वयम को खुश रखने के लिए सकारत्मक बातो का खज़ाना अवश्य याद रखे।
🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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🇲🇰ओम शांति ब्रह्मा मुख द्वारा सत्य गीता ज्ञान दाता निराकार शिव भगवानुवाच l 🇲🇰
♥ मीठे बच्चे जिस सतो प्रधान अवस्था से, घर से आए थे, उसी अवस्था को धारण कर, वापस घर है जाना l फिर से, स्वर्ग में है आना l इसलिए मीठे बाबा की मीठी मुरली, हर रोज है सुनना l 🏆
♉एक उनकी ही, याद में रहना l उनकी ही याद से, सर्वगुण संपन्न, 16 कला संपूर्ण, संपूर्ण निर्विकारी है बनना l 🔆
🟨ज्ञान की मीठी बुलबुल बन, सभी को ज्ञान की मीठी बातें ही सुनाना l अब व्यर्थ के कंकड़ पत्थरों से, नहीं खेलना l नहीं बोलना l जो बोलना है, मीठे बाप से बोलना l🤡
🎯 जो कहना है, मीठे बाप से ही कहना l उनके बिना व्यर्थ है, एक पल भी गवानाl l यह शरीर भी नहीं है अपना, यह संसार भी, कब्रिस्तान है बनना l🚵🏻♂️
😊अब इससे, ऊपराम रहना l एक बाप को ही अपना, सच्चा साथी, सहारा बनाना l फिर अंत काल होगा, बड़ा ही सुहाना l फिर सतो प्रधान बन, घर चलना l🚶🏻♂️
🌀फिर से देवी देवता बन, सतो प्रधान स्वर्ग में है आना l सारे विश्व पर, 21 जन्म राज्य है करना l यही है सर्वश्रेष्ठ, भविष्य अपना l इसलिए अभी याद और पढ़ाई पर, पूरा ध्यान देना l कभी भी अलबेला, मत बनना l🤗
🧐 यह वक्त, फिर नहीं है आना l जो पाना है, अभी ही पाना l फिर जो पाया है, वही लेकर, सभी को है लौटना l अभी अपने हाथ में है, फैसला अपना l🤺
🙏 *ॐ शांति* 🙏
किसी भी परेशानी से बाहर निकलने में आपकी मदद आपके अलावा और कोई नहीं कर सकता। *ईश्वर* भी तभी *मदद* करता है... जब आप मदद लेने के लिये परिश्रम करते हो।
🌸 सुप्रभात...
💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐
ओम शांति
11.01.2022
★【परमात्म शिक्षाएं】★
1)
मैं और मेरेपन में रहने वाली आत्मा ना ही ज्ञानी है ... ना ही योगी है ... और ना ही वो धारणा स्वरूप बन सकती है...!
यदि किसी भी आत्मा के अन्दर minor सा भी मैं और मेरापन है, तो बाप-समान बनना असम्भव है।इसलिए मैं और मेरा - इसका हम त्याग करे...। सूक्ष्म रीति स्वयं की checking कर, स्वयं को change करते जाएं।
निमित्त बन कर्म-व्यवहार में आयें, क्योंकि तब ही हम कर्म के प्रभाव से बचे रह सकते हैं।
2)
Science है आत्माओं की बुद्धि द्वारा की गई खोज। यह powerful है और इस कलियुग के अन्त में मनुष्य आत्माओं के जीवन का आधार भी है। परन्तु silence (शान्ति) - यह है परमात्म शक्ति ... जो इस समय आप बच्चों को परमात्मा शिव बाप के द्वारा प्राप्त होती है ... और जिस आत्मा के पास यह (शांति की) शक्ति है, वो सदा विजयी है ... उसको जीतना असम्भव है।
3)
अंदर से जो सम्पन्न है, वो बाहर से सम्पन्न है ... और जो अंदर से गरीब है, वो बाहर से गरीब है।
जो अंदर से feel करेगा ना कि मैं तन्दुरूस्त हूँ, क्या हुआ है, कुछ भी तो नहीं है - तो वो बाहर से भी तन्दुरूस्त रहेगा...। क्योंकि ये positive संकल्प (विचार), शक्तियों से भरपूर होते हैं ... और जब शक्तियाँ आ जाती हैं ना हमारे संकल्पों में..., तो अवगुण जो हैं वो खत्म हो जाते हैं।
4)
जहाँ शान्ति है, वहाँ सन्तुष्टता है ... सहनशीलता है ... मधुरता है ... अचल स्थिति है ... अर्थात् सभी गुण और सभी शक्तियाँ हैं। यदि शान्ति की percentage में फर्क है, तो अर्थात हमारे अन्दर अन्य गुण और शक्तियों में भी कमी होगी।
इसलिए हमेशा हम यह checking रखें कि - मैं कुछ भी बोलते हुए, करते हुए या सुनते हुए बिल्कुल शान्त अर्थात् अचल रहता हूँ...? या कोई भी बात वा परिस्थिति मुझे हलचल में तो नहीं लाती...? और यदि हम हिलते हैं, तो फिर से अपनी शान्त स्थिति में स्थित हो परमात्मा बाप के संग जाकर बैठ जाएं, परन्तु हमेशा स्वयं पर attention रखें कि यह परमात्म शक्ति (शान्ति की शक्ति) मुझे परमात्म gift के रूप में मिली है, जो कि मेरी विजय का आधार है ... तो इसे मुझे स्मृति में रख use करना है।
जितना हम इसे use करेंगे, उतनी ही यह शक्ति बढ़ती जायेगी...। और जिसके पास silence की शक्ति है, तो उसकी science पर विजय है ही है...।
5)
दिल का निश्चय प्रेम पर आधारित होता है ... और दिमाग का निश्चय स्वार्थ पर आधारित होता है।
#दिल अर्थात् हमारी दिव्य बुद्धि, हमारी divine intellect
#दिमाग अर्थात् हमारी स्थूल बुद्धि, हमारी materialistic intellect
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