भक्ति में डूबे लोग:शहर पहुंची राम वनगमन पथ काव्य यात्रा, लगे श्री राम जयकारे
भक्ति में डूबे लोग:शहर पहुंची राम वनगमन पथ काव्य यात्रा, लगे श्री राम जयकारे
गरियाबंद
रामवनगमन पथ काव्य यात्रा का श्रीराम जानकी रथ शहर में पहुंचा, जहां हर वर्ग व समाज के लोगों ने रथ का स्वागत किया। इस दौरान शहर के हर चौक-चौराहे पर विभिन्न समाज के लोग मौजूद थे, जिन्होंने काव्य यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। 50 सदस्यों के इस दल का सर्किट हाउस में स्वागत के बाद काव्य यात्रा शहर में दाखिल हुआ। सर्किट हाउस से काव्य यात्रा के साथ विशाल बाइक रैली निकाली गई, जिसमें लोग भगवा ध्वज लेकर श्रीराम के जयकारे लगाते हुए शामिल हुए। इस बीच पूरे शहर का माहौल श्रीराम की भक्ति में सराबोर दिखा।
चैत्र प्रतिपदा से पहले ही पूरा शहर भगवा रंग में दिखा।
भव्य काव्य यात्रा गरियाबंद से शहर में दाखिल हुई, जहां तिरंगा चौक पर सभी राम भक्तों ने काव्य यात्रा का भव्य स्वागत किया। इसके अलावा गोल बाजार चौक, सुभाष चौक, गौरव पथ मेन रोड सहित अन्य जगहों से काव्य यात्रा गुजरी। इसके बाद शोभायात्रा तिरंगा चौक पहुँची पहुंची, जहां राष्ट्रीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया है रात्रिकाल में कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। कल सुबह यात्रा अपने अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान करेगी। यात्रा 41 दिन में देश के आठ राज्यो के प्रमुख 232 स्थानो से होकर गुजरेगी। काव्ययात्रा के गुजरने वाले सभी स्थानो पर धर्मबंधुओ और श्रीराम भक्तो द्वारा भव्य स्वागत किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रमुख स्थानो में कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया जा रहा है।
चप्पे चप्पे पर पुलिस रही तैनात, चाकचौबंद रही व्यवस्था
चोंक चौबंध व्यवस्था के बीच निकली रामवनगमन काव्य यात्रा भगवान श्री राम के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
इसी कड़ी में काव्ययात्रा आज गरियाबंद पहुंची है। छत्तीसगढ़ में यह यात्रा चिहिंत 9 स्थानो मे कवि सम्मेलन एवं विश्राम के लिए रूकेंगी। जिसमे 19 मार्च को राजनांदगांव, 20 मार्च को धमतरी, 21 मार्च को जगदलपुर से ओडिसा के मलकानगिरी होते हुए 23 मार्च को गरियाबंद आगमन हुआ है।
श्रीराम वनगमन पथ काव्ययात्रा का आयोजन राष्ट्रीय कवि संगम समिति द्वारा किया जा रहा है। समिति के छगत्तीसगढ़ प्रांत के प्रांताध्यक्ष योगेश अग्रवाल, राष्ट्रीय संरक्षक चतुर्भुज अग्रवाल भी अपनी टीम को लेकर काव्ययात्रा के साथ चल रहे है। प्रांत संयोजिका श्रीमती मल्लिका रूद्रा तन्मयता के साथ व्यवस्था में लगी हुई है। प्रतिदिन यात्रा के स्वागत, कवि सम्मेलन के आयोजन, यात्रा की व्यवस्था की तैयारी की समीक्षा कर रही है। सहसंयोजक के रूप में कमल किशोर शर्मा व देवेंद्र परिहार उनका सहयोग कर रहे है।





