*प्रत्याशी चयन से ज्यादा रूची जाति प्रमाण पत्र की जांच में-मरवाही चुनाव* - fastnewsharpal.com
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*प्रत्याशी चयन से ज्यादा रूची जाति प्रमाण पत्र की जांच में-मरवाही चुनाव*

प्रत्याशी चयन से ज्यादा रूची जाति प्रमाण पत्र की जांच में-मरवाही चुनाव




अजीत सिंह,बिलासपुर

 जाति प्रमाणपत्र से हटकर मरवाही उपचुनाव में अब कांग्रेस भाजपा की टिकटे तय होने का समय भी आ गया है। आज 9 तारीख को प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया रायपुर में चुनाव समिति की बैठक लेंगे, और जिला स्तर से भेजी गई सुची पर विचार करेंगे। वहीं भाजपा में भी संभावित प्रत्याशी सुची बन चुकी है, और नए प्रदेश अध्यक्ष नेता प्रतिपक्ष मरवाही प्रभारी की एक बैठक और शेष है। इस बात की पुरी संभावना है कि प्रत्याशी चयन का मामला रायपुर में भी हल होगा। दिल्ली से नाम की अनुशंसा नही होगी। कुछ रिपोर्ट यह भी दावा कर रही है कि कांग्रेस भाजपा छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस द्वारा महिला प्रत्याशी उतारे जाने की संभावना के कारण अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा में देरी कर सकते है। शिकायतों का दौर तीनों राजनैतिक दल की ओर से चल रहा है। कांग्रेस के प्रायोजित शिकायत कर्ता ऋचा अमित जोगी दोनो की जाति प्रमाणपत्र पर घेराबंदी कर रहे है। वहीं भाजपा कांग्रेस द्वारा किए जा रहे सत्ता दुरूप्योग की शिकायत कर रही है। इन सबसे हट कर तीनों राजनैतिक दल के कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण लगभग पुरा हो चुका है और वे मरवाही क्षेत्र में अपने-अपने रणनीति के मुताबिक लग गए है। कांग्रेस पार्टी को भाजपा की एक बीमारी भी लग गई है। पार्टी अपने कार्यकर्ताओं से ज्यादा सरकारी खुफिया तंत्र पर भरोसा कर रही है। किन्तु यह बड़ी चूक बनने वाला है, क्योंकि जिला बनने के पहले से ही सरकार का खुफिया तंत्र इस क्षेत्र में नगण्य है, और कोविड-19 के बाद तो बिलासपुर से अपने-आप उस क्षेत्र में जाकर कोई सुचना एकत्र करने में कोई रूची नही रखता। किन्तु अब उच्च अधिकारियों के निर्देश से चलते जाना पड़ता है। कांग्रेस में जिन पांच नाम की चर्चा है उनमें गुलाब सिंह राज, केके धुर्व, प्रमोद परस्ते, अजीत श्याम, शुभम पेन्द्रो के नाम है। परस्ते न्यायिक सेवा में थे। केके धुर्व बीएमओ है, टिकट मिलेगी फिर इस्तिफा दे देंगे। अजीत श्याम की पत्नी जिला पंचायत की सदस्य और शुभम पेंन्द्रो स्वयं जिला पंचायत सदस्य है। भाजपा से दो पुरूष गंभीर सिंह और राम दयाल उईके के अलावा दो महिला समिरा और अर्चना का नाम है। छत्तीासगढ़ जनता कांग्रेस के प्रत्याशी के नाम पीछे यदि जोगी नही हुआ तो अनहोनी तय है। तीनों राजनैतिक दल की खबरे अब प्रायोजित रूप से सोशल मीडिया पर छाई हुई है, जिनका अर्थ समझने के लिए उन्हें ध्यान से पढ़ना जरूरी हो गया है। कलेक्टर मुंगेली ने 8 तारीख को जब ऋचा जोगी के भाई दस्तावेजल लेकर उपस्थित हुए और एक डेट और मांगी तो उन्हें 12 अक्टुबर सोमवार का मौका दिया गया। अब सब लोगों की नजरें 12 तारीख पर टिक गई है। इसी के बाद यह तय होगा की ऋचा जोगी का जाति प्रमाण पत्र टिकेगा या छानबीन समिति उसे निरस्त कर देगी। वहीं अमित जोगी का कहना है कि छानबीन समिति को प्रमाणपत्र निरस्त करने का अधिरकार ही नही यह अधिकार हाईपावर कमेटी को है। छानबीन समिति की ओर से जो नोटिस जारी हुआ है वह अनुचित है और उसमें विधि प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है। मरवाही में चुनाव के पूर्व ही जाति का मामला इस तरह उछाला जा रहा है, जिससे अमित जोगी को यह कहने का अवसर मिल रहा है कि ‘‘कांग्रेस को पता है कि जोगी परिवार से चुनाव में नामांकन भरने मात्र की देर है और चुनाव का परिणाम तय हो जाएगा, इसी कारण कांग्रेस और सरकार किसी भी स्थिति में यह नही चाहते की जोगी परिवार इस चुनाव में उतरे।





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