तपोदय से चवलेश्वर गगन विहार यात्रा
तपोदय से चवलेश्वर गगन विहार यात्रा
**निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव जैन धर्म की आन बान शान108श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन मे कहा*
*आदिनाथ भगवान षट् कर्मो के संस्थापक थे*
1.कर्म की स्थापना-आदिनाथ भगवान के धर्म के प्रथम नेता थे जनता रोटी कपड़ा मकान से परेशान थी धर्म के नेता को धर्म की स्थापना करनी थी लेकिन धर्म के नेता ने धर्म की बजाय पहले धर्म की स्थापना कर्म की निंदा मत करो,कर्म को धर्म के साथ हो जाए तो कार्यकारी हैं
2.प्रथम नेता-आदिनाथ भगवान सबसे पहले राज गद्दी के स्थापना की थी देवो पुनीत लोग रहते हैं वहा देवता का सहयोग करते हैं जब व्यक्ति स्वार्थी हो जाता है देवता लोक चले जाते हैं संसार के लोगो को अपने कर्म के भरोसे छोड़ देते हैं धर्म से पहले राष्ट्र को सरंक्षण दिया।
3.कोरोना के समय जब बहुत दिनों तक देश में पूरा लोक डाऊन रहा था जैन समाज में बहुत बड़ा गरीबों के लिए भोजन पानी आदि सभी दिया।
4. अंडे को शाकाहारी बताना यह देश का दुर्भाग्य है और इसके बाद एक और बात आती है कि मत्स्य उद्योग को कृषि में डालना यह देश में बहुत दुर्भाग्य की बात चल रही है इसको हटना चाहिए।
*प्रवचन से शिक्षा*-
*सकंलन ब्र महावीर* 739918672 परम गुरु भक्त14फरवरी2021
नमनकर्ता-हेम जैन,सुधीर जैन,अभय जैन,तरुण नायक,प्रमोद जैन,स्पर्श जैन,महैन्द्र महावीर दि जैन मन्दिर कोरबा
*पुज्य सुधासागर जी के प्रवचनांश व अमृत सुधावाणी के लिए जुडे*
