देखे वीडियो-- इस बीहड़ में वर्षभर में एक दिन होते है माता के दर्शन,कोरोना संकट के बीच हुई विशेष पूजा अर्चना
इस बीहड़ में वर्षभर में एक दिन होते है माता के दर्शन,कोरोना संकट के बीच हुई विशेष पूजा अर्चना
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जयलाल प्रजापति/सिहावा-नगरी
कोरोना संकट के बीच धमतरी के निरई माता मंदिर में सोशल डिस्टेन्स नियमों का पालन करते हुए रविवार को विशेष पूजा अर्चना की गई.इस दौरान बीहड़ इलाके के पहाड़ में स्थित निरई माता के मंदिर में गिनती के लोग ही मौजूद रहे.दरअसल निरई माता का यह मंदिर साल में चैत्र नवरात्र के एक ही दिन खुलता है और यहां बड़ी संख्या में माता के दर्शन पहुँचते है लेकिन इस बार लोगों की उपस्थिति नगण्य रही.
बता दे कि हर साल मगरलोड इलाके के इस बीहड़ में साल भर माता की भक्ति का मानों सैलाब उमड़ पड़ता है.माँ निरई माता के चमत्कार का ही प्रभाव के कारण दूर दूर से यहां लोग खींचे चले आते है और अपनी मुरादे पुरी करते है.माना जाता है कि नवरात्र मे यहां ज्योत खूद ब खूद जल उठती है खास बात ये है कि माता का दरबार साल में एक बार चैत्र नवरात्र पर ही खोला जाता है.
धमतरी से करीब 70 किमी दूर मोहेरा पंचायत के घने जंगलो के बीच मौजूद माॅ निरई माता के दरबार में माता का जयकारा गुंज उठता है जब माँ के भक्त चले आते है.इस बीच उनके रास्ते न तो फासले की मुश्किलात रोक पाती है और न ही नक्सली संगीनो का खौफ.बताया जाता है कि सैकड़ों साल पहले बीहड़ पहाड़ में माॅ निरई माता का मंदिर स्थापना की गई.पुजारी बैगा की सेवा से प्रसन्न होकर माता अपने भक्त बैगा को ममता का दुलार देती थी,उसे नहलाती और खाना भी खिलाती थी लेकिन बैगा की पत्नी के शक पर माता क्रोधित हो उठी.जिसके बाद किसी भी महिला को नही देखने अपनी इच्छा जाहिर की.यही वजह है कि इस मंदिर में महिलाओं का आनेजाने में मनाही है.
चैत्र नवरात्र के पहले रविवार को ही माता के दर्शन करने का रिवाज है.वही माँ निरई माता का यह दरबार श्रद्धालुओं के आस्था का केन्द्र बन गया है.भक्तो की माने तो चैत्र नवरात्र मे यहाॅं खुद ब खुद ज्योत जल उठती है.इसके अलावा और कई चमत्कार दिखाई पड़ते है ।यहां के पुजारियों ने बताया कि कोरोना संकट के कारण इस बार यहां भीड़ कम है जबकि अन्य वर्षों में यहां भारी भीड़ उमड़ती है लोग प्रदेश के कोने कोने से माता का दर्शन करने पहुँचते है उन्होंने बताया कि माता की विशेष पूजा कर देश को कोरोना संकट से उबारने के लिए प्रार्थना किया गया है।
बहरहाल निरई माता का यह दरबार भक्ति और शक्ति का यह अदभुत संगम है जहां आस्था के सामने खौफ कोई मायने नही रखता.मोहेरा गांव के पहाड़ मे मौजूद माता के मन्दिर में लोग इसी यकीन पर चले आते है।

