*महासमुंद में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले अधिकारी की सुरक्षा व मामले की निष्पक्ष जाच हो
नवापारा भाजपा महिला मोर्चा ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह व रेडी टू ईट में गड़बड़ी के मामले को लेकर किया एक दिवसीय धरना प्रदर्शन
*महासमुंद में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले अधिकारी की सुरक्षा व मामले की निष्पक्ष जाच हो
*कांग्रेस के कार्यकाल में अब छत्तीसगढ भ्रष्टाचार के रोज नए आयाम स्थापित हो रहे...महिला मोर्चा
गोबरा नवापारा नगर
स्थानीय भाजपा महिला मोर्चा द्वारा छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना व रेडी टू ईट योजना के तहत हुये भ्रष्टाचार के मामले को उजागर करने वाली महिला अधिकारी की सुरक्षा और इस मामले पर निष्पक्ष जाँच की मांग की मांग को लेकर नवापारा मंडल महिला मोर्चा के द्वारा एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया जिसमें मुख्य रूप से महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवांगन, महामंत्री नीता धीवर, तनु मिश्रा सहित महिला मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया इस अवसर पर महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवांगन ने कहाकि कांग्रेस के कार्यकाल में अब छत्तीसगढ भ्रष्टाचार के रोज नए आयाम स्थापित हो रहे हैं.
पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर भी आवाज उठाने पर उत्पीड़न किया जा रहा है. महासमुंद में जब एक अधिकारी सुधाकर बोदले ने महिला एवं बाल विकास विभाग में 'मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लिए उपहार साम्रागी की खरीद और वही मई माह के वितरित 'रेडी टू ई - साम्रागी खरीद में अनियमितता को लेकर बड़ा खुलासा किया तो राज्य सरकार इस अधिकारी के साथ मिलकर इस मामले पर जाँच करने की बजाय उल्टा अधिकारी को ही इसमें फंसाने का काम कर रही है. केवल इन दो मामलो में ही 30 लाख से अधिक के भ्रष्टाचार का मामला में आया हैं. ऐसे में अगर पूरे दो ढाई वर्ष में प्रदेश के सभी जिलो हुए खरीदी की जाँच की जाय तो सैकडो करोड़ के घोटाले की आंशका से इंकार नही किया जा सकता है. श्रीमती देवांगन ने इस मामले में कहाकि यह साफ स्पष्ट दिख रहा है कि अधिकारी का मूंह बंद कर शासन अपने ही एक मंत्री को बचाने की कोशिश कर रही है. श्री बोदले के खिलाफ बदले की कारवाई की आंशका है.ऐसे मे राज्यपाल महोदया से निवेदन है कि न्याय के हित में अधिकारी श्री बोदले को पर्याप्त सुरक्षा दी जाय, इससे जुड़े मामले में खरीदी प्रकिया, आंबटन आदि में भ्रष्टाचार के तमाम मामले की उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायधीश से जाँच करायी जाय,
संबंधित मंत्री को बर्खास्त करने की कारवाई हो, तमाम लाभार्थियो को डीबीटी द्वारा सीधे मुगतान किये जायें,
महासमुंद के मामलो से संबंधित तमाम पत्राचार और संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक किये जाने की मांग की है।


