*✓ बेकसूर आदिवासियों को नक्सली बताकर पुलिस ने गोली चलाकर मार डाला, क्रान्ति सेना के हजारों कार्यकर्ता पोस्टर के माध्यम से किया वर्चुअल विरोध प्रदर्शन*
*बस्तर नरसंहार पर प्रदेश भर में छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का जबर विरोध, शासन प्रशासन को उग्र आंदोलन की चेतावनी*
*✓ बेकसूर आदिवासियों को नक्सली बताकर पुलिस ने गोली चलाकर मार डाला, क्रान्ति सेना के हजारों कार्यकर्ता पोस्टर के माध्यम से किया वर्चुअल विरोध प्रदर्शन*
रायपुर/चंदखुरी
बीजापुर के सिलगेर कैम्प में 16 मई को हुई फायरिंग में 3 लोग मारे गए थे, घटना उस वक्त हुई जब लगभग 3 हजार ग्रामीण सिलगेर में स्थापित किए जा रहे CRPF कैम्प का विरोध करने पहुंचे थे। गोली कांड के बाद भी ग्रामीण कैम्प का विरोध कर रहे हैं, आदिवासी सुरक्षाबलों का रास्ता रोक कर मौके पर धरना दे रहे थे। घटना के बाद लगातार ग्रामीण सिलगेर कैम्प के विरोध में धरना दे रहे है, ग्रामीणों ने दावा किया कि उनके साथ नक्सली नही थे। फायरिंग में अब तक 4 लोग मारे गए हैं, मृतकों का शव भी नहीं लेने दिया गया।
क्रान्ति सेना के प्रदेशाध्यक्ष अमित बघेल ने बताया बस्तर क्षेत्र में भोले-भाले आदिवासियों का नरसंहार निरंतर जारी है, एक तरफ नक्सलियों से त्रस्त दूसरी ओर पुलिस प्रशासन बेकसूर लोगों को नक्सली बताकर मारा जा रहा है। इस ओर न राज्य सरकार ठोस कार्रवाई कर रही न तो विपक्ष में बैठे भाजपा के लोग विरोध कर रहे हैं। क्रान्ति सेना के प्रदेश कार्यसमिति द्वारा विडियो कान्फ्रेसिंग में बैठक लिया गया जिसमें कोविड के बाद बस्तर के मुद्दों पर मैदान में उतर कर जबर विरोध करने की बात कही गई। वहीं प्रदेश भर में क्रान्ति सेना के हजारों कार्यकर्ता व पदाधिकारी पोस्टर बैनर फ्लेक्स के जरिए वर्चुअल शोसल मीडिया पर बस्तर में हो रहे नरसंहार के लिए जबर विरोध जारी है। इस पोस्टर वार से शासन प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
क्रान्ति सेना के मीडिया प्रभारी देव हीरा लहरी ने बताया 23 मई को बीजापुर कलेक्टर रितेश अग्रवाल ने सिलेगर गोलीकांड की जांच के आदेश के साथ मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, बस्तर के लोग न्याय की आस लगाए बैठे हैं। वहीं 26 मई को बस्तर आयुक्त जी आर चुरेन्द्र और बस्तर आईजी सुंदर राज पी के समझाने के बाद भी ग्रामीण सिलेगर कैम्प को हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। क्रान्ति सेना द्वारा शासन प्रशासन को सख्त चेतावनी दि की बस्तर के नरसंहार के सभी दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई कर फांसी देने की मांग की गई।


