आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
फास्ट न्यूज हर पल समाचार पत्र,

आज का सुविचार(चिन्तन)

 🍃🏵🍃🏵🍃🏵🍃🏵🍃

💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..24-08-2021*..🎋


✍🏻अपनी ज़िंदगी की उत्तर पुस्तिका को ख़ुद जांचिए, लोग अपने हिसाब से जांचेंगे तो फेल ही करेंगे।

💐 *Brahma Kumaris Daily Vichar* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

🍃🏵🍃🏵🍃🏵🍃🏵🍃


♻🍁♻🍁♻🍁♻🍁♻

  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻जिसकी सोच में आत्मविश्वास की महक है, जिसके इरादों में हौसले की मिठास है और जिसकी नीयत में सच्चाई का स्वाद है, उसकी पूरी जिन्दगी महकता हुआ गुलाब है।

🌹 *Brahma Kumaris Daily Vichar*🌹

♻🍁♻🍁♻🍁♻🍁♻

🌹🧡🌹🧡🌹🧡🌹🧡

*जो रिश्ते सच में गहरे होते हैं‚* 
*वो कभी अपनेपन का शोर नहीं मचाते ...*

    *सच्चे रिश्ते शब्दों से नहीं‚*
*दिल और आंखो से बात करते हैं ...*

                 *🌹 सुप्रभात 🌹*
💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*24 अगस्त:-*_ अपनी अंदर की शक्तियो का प्रयोग संहार (नष्ट करना मार देना) में नही निर्माण में करना चाहिए।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸
*अंधेरे मे जब हम दीया हाथ मे लेकर चलते है तो हमे यह भ्रम रहता है कि हम दीये को लेकर चल रहे है....*
*जबकि सच्चाई एकदम उल्टी है दीया हमे लेकर चल रहा होता है ।*
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸
🌷🌈🌷🌈🌷🌈🌷🌈

*एक सपना जादू से हकीकत नहीं बन सकता ; इसमें पसीना ... दृढ संकल्प और कड़ी मेहनत लगती है ...*

                    *🌸 सुप्रभात 🌸*
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
       ॐ शांति
*"दौलत" से सिर्फ"सुविधायें" मिलती हैं*
        *"सुख" नहीं*!!
      *"सुख" मिलता है "आपस" के प्यार से व अपनों के "साथ" से*।।

*स्नेह सदैव बना रहे*....     * 
    *"स्वस्थ रहिए""मस्त रहिए"*
      🙏ॐ शांति🙏
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺     
         ओम शांति
*तनाव से केवल...*
          *समस्यांए जन्म ले सकती है...*
*समाधान खोजना है...*
           *तो मुस्कुराना ही पड़ेगा..!*

*आपका दिन शुभ व मंगलमय हो...*
  *स्वस्थ रहे, मस्त रहे, हंसते   रहे।*
 *🙏🍁ओम शांति🍁🙏*
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁

अनमोल वचनः

लोग अक्सर मुझसे पूछते हैं जगह जगह तुम्हारी "निन्दा " हो रही है,और मेरा एक ही जवाब होता है।"निन्दा" उसी की होती है जो जिन्दा है।तारीफ तो हमेशा मरे हुये की होती है...सो बस अच्छे काम करते रहिये चाहे लोग तारीफ करें या न करें..

🙏ओम् शांति🙏

🎈आपका दिन शुभ हो 🎈

🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁
🙏 *ॐ शांति* 🙏

जो पाप कर्म हमने कर दिये हैं...वे तो वापस आयेंगे ही, उसे कोई नहीं रोक सकता। परन्तु जब वो वापस आयें तो हम कैसी *प्रतिक्रिया* करेंगे... यह हमारे हाथ में है। अब यदि *बुरे* के साथ *भला* करने का अभ्यास करेंगे तो आने वाला फल भी *सुखद* ही होगा।

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐
🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁

अनमोल वचनः

लोग अक्सर मुझसे पूछते हैं जगह जगह तुम्हारी "निन्दा " हो रही है,और मेरा एक ही जवाब होता है।"निन्दा" उसी की होती है जो जिन्दा है।तारीफ तो हमेशा मरे हुये की होती है...सो बस अच्छे काम करते रहिये चाहे लोग तारीफ करें या न करें..

🙏ओम् शांति🙏

🎈आपका दिन शुभ हो 🎈

🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁🌿🍁


♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️                               


*👉 ना जाने किस रूप में 🏵️ नारायण मिल जाए*                    🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅


हरिहर एक सीधा-साधा किसान था। वह दिन भर खेतों में मेहनत से काम करता और शाम को प्रभु का गुणगान करता।


उसके मन की एक ही साध थी। वह उडुपि के भगवान श्री कृष्ण के दर्शन करना चाहता था। उडुपि दक्षिण कन्नड़ जिले का प्रमुख तीर्थ था। प्रतिवर्ष जब तीर्थयात्री वहां जाने को तैयार होते तो हरिहर का मन भी मचल जाता किंतु धन की कमी के कारण उसका जाना न हो पाता।


इसी तरह कुछ वर्ष बीत गए। हरिहर ने कुछ पैसे जमा कर लिए। घर से निकलते समय उसकी पत्नी ने बहुत-सा खाने-पीने का सामान बाँध दिया। उन दिनों यातायात के साधनों का अभाव था। तीर्थयात्री पैदल ही जाया करते।


रास्ते में हरिहर की भेंट एक बूढ़े व्यक्ति से हुई। बूढ़े के कपड़े फटे-पुराने थे और पाँव में जूते तक न थे। अन्य तीर्थयात्री उससे कतराकर निकल गए किंतु हरिहर से न रहा गया। उसने बूढ़े से पूछा-

'बाबा, क्या आप भी उडुपि जा रहे हैं?'

बूढ़े की आँखों में आँसू आ गए। उसने रुँधे स्वर में उत्तर दिया-


'मैं भला तीर्थ कैसे कर सकता हूँ? एक बच्चा तो बीमार है और दूसरे बेटे ने तीन दिन से कुछ नहीं खाया।'


हरिहर भला व्यक्ति था। उसका मन पसीज गया। उसने निश्चय किया कि वह उडुपि जाने से पहले बूढ़े के घर जाएगा। बूढ़े के घर पहुँचते ही हरिहर ने सबको भोजन खिलाया। बीमार बच्चे को दवा दी। बूढ़े के खेत, बीजों के अभाव में खाली पड़े थे। लौटते-लौटते हरिहर ने उसे बीजों के लिए भी धन दे दिया। जब वह उडुपि जाने लगा तो उसने पाया कि सारा धन तो खत्म हो गया था। वह चुपचाप अपने घर लौट आया। उसके मन में तीर्थयात्रा न करने का कोई दुख न था बल्कि उसे खुशी थी कि उसने किसी का भला किया है।


हरिहर की पत्नी भी उसके इस कार्य से प्रसन्‍न थी। रात को हरिहर ने सपने में भगवान कृष्ण को देखा। उन्होंने उसे आशीर्वाद दिया और कहा-


'हरिहर, तुम मेरे सच्चे भक्त हो। जो व्यक्ति मेरे ही बनाए मनुष्य से प्रेम नहीं करता, वह मेरा भक्त कदापि नहीं हो सकता।'


तुमने उस बूढ़े की सहायता की और रास्ते से ही लौट आए। उस बूढ़े व्यक्ति के वेष में मैं ही था। अनेक तीर्थयात्री मेरी उपेक्षा करते हुए आगे बढ़ गए, एक तुमने ही मेरी विनती सुनी।


मैं सदा तुम्हारे साथ रहूँगा! अपने स्वभाव से दया, करुणा और प्रेम का त्याग मत करना।'


*हरिहर को तीर्थयात्रा का फल मिल गया था।*

Previous article
Next article

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads