आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..22-10-2021*..🎋


✍🏻गलतियां सुधारी जा सकती है, गलतफहमियां भी सुधारी जा सकती हैं, लेकिन गलत धारणाएं कभी सुधारी नही जा सकती।

💐 *Brahma Kumaris Daily Vichar* 💐

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻सद्गुणों की शुरुआत स्वयं से ही करनी होती है, जब तक खुद की उंगली पर कुमकुम नहीं लगेगा, तब तक दूसरे के ललाट पर तिलक कैसे लगाओगे?

🌹 *Brahma Kumaris Daily Vichar*🌹

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*जिसकी सोच में* *आत्मविश्वास की महक है ...*

*जिसके इरादों में*

*हौसले की मिठास है ...*

*और*

*जिसकी नीयत में*

*सच्चाई का स्वाद है ...*

*उसकी पूरी जिन्दगी*

*महकता हुआ “गुलाब” है ...*


                  *🌟 शुभ प्रभात 🌟*


🙏 *ॐ शांति* 🙏

धन का *दान* करना अच्छा है ... परन्तु *पवित्र* दानशील आत्मा बनना और भी अच्छा है ... अपनी शक्तियों और गुणों का प्रयोग दूसरों की *उन्नति* हेतु करना चाहिये ...

🌸 सुप्रभात ...

💐💐 आपका दिन शुभ हो ... 💐💐

🙏 *ॐ शांति* 🙏

दूसरे अगर *गलती* करते हैं तो उनको गिनने के बजाए उनका विश्वास जीतें ... ताकि उनकी *कमजोरियों* को मिटाने में उनको *सहयोग* दे सकें ...

🌸 सुप्रभात ...

💐💐 आपका दिन शुभ हो ... 💐💐

🇲🇰ओम शांति🇲🇰
 
*ब्रह्मा मुख द्वारा गीता ज्ञान दाता निराकार शिव भगवानुवाच* 

♥ मीठे बच्चे हीरे मानिक मोती और सोने से संपन्न था, प्रिय भारत l अब फिर से, प्रिय भारत को बनाने जन्नत l गरीब नवाज भगवान बाप, आए हैं प्रिय भारत l ♥️

⏲️अब हम मानव आत्मा को लेनी है उनसे, श्रेष्ठ बनने की श्रीमत l फिर देवी देवताओं की बन जाएगी, सूरत और सीरत l मीठे ते मीठे भारत वासियों की और प्रिय भारत की है, बड़ी भारी किस्मत l ☎️

😊भारत और भारतवासियों को ही मिलती है, भगवान बाप की सारी दौलत l कहते हैं, सोने की चिड़िया था भारत, सच्ची है यह कहावत l 🧚🏻‍♀️

🛕अब फिर से हासिल करनी है, वह दौलत और शोहरत, तो भारत में आए हुए भगवान बाप से कर लो, दिल से मोहब्बत l फिर उनकी श्रीमत पर चलने में, नहीं करनी पड़ेगी मेहनत l अब बार-बार देह अभिमान में आने की, छोड़ दो आदत l 🏖️

🌎यही है इस जीवन में, सबसे बड़ी मुसीबत l इसके लिए, मीठे प्यारे बाबा को याद करने की, सदा दिल में बनी रहे चाहत l फिर से सहज हो जाएगी आत्मा की, पवित्र, शुद्ध, साफ नियत l जिसकी है सारे संसार को, बहुत जरूरत l 🏵️

🌄अब आनी है सारे संसार में, महा भारी कयामत फिर दो युगो तक मिल जाएगी सर्व आत्माओं को, दुख अशांति, रोग शोक  से, राहत l🚶🏻‍♂️

🇲🇰मुक्तिधाम घर जाने की, पूरी हो जाएगी चाहत l फिर से देवी देवता बन जाएंगे, पावन भारतवासी और विश्व विजेता बन जाएगा भारत l🌎

🙏 *ॐ शांति* 🙏

कठिन समय में आपने उनको सहयोग दिया... क्योंकि वह आपकी *विशेषता* है। अपनी सभी विशेषताओं के साथ एक और विशेषता अपना लें। यह *अपेक्षा* नही रखना कि.... *उनके* अंदर भी वही विशेषता होगी जो आपमें है। उनकी विशेषताएं आपसे अलग हैं।

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐

🙏 *ॐ शांति* 🙏

आज आपके *जीवन* में जो कुछ भी सही या गलत है... वह आपके ही विचारों का *स्थूल* रूप है, क्योंकि आपका हर विचार *सिद्ध* होता है। फिर वो चाहे गलत हो या सही...!!

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐

💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*22 अक्टूबर:-*_ स्वयम को बदलना दुसरो को बदलने से अति सहज है, इसलिए पहले स्वयम को बदले दूसरे आपको देख के  सहज ही बदल जाएंगे।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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🌺🌺शुभ अमृतवेला योग 🌺🌺


मैं आत्मा भृकुटि सिंहासन पर विराजमान हूँ --अविनाशी चैतन्य सितारा  हूं ---परमपिता परमात्मा  ने मुझे  "पवित्र भव योगी भव "  का वरदान दिया है -- पवित्रता के संस्कारों को निजी संस्कार बना कर पवित्र  जीवन बनाने वाली मेहनत मुक्त आत्मा हूँ।


मैं पवित्र  आत्मा  पांच तत्वों से बने इस जड़ शरीर की मालिक हूँ--- सर्व कर्मेन्द्रियों की भी मालिक हूँ ----जिनमें  ज्ञान की पराकाष्ठा है  उनकी सभी कर्मेन्द्रिया  शीतल हो जाती हैं ---चंचलता समाप्त  हो जाती  है ---अवस्था  एकरस हो जाती  है।


मैं  आत्मा  बिन्दु बन बिन्दु बाप को याद कर रही हूँ ----शिवज्योति दिव्य सितारे को निरन्तर  निहार रही हूं ---विस्तार को छोड़  सार रूप में  समा गई  हूँ---मेरे शिवपिता इस कल्प वृक्ष  के बीजरूप हैं ---रचयिता हैं बाकि सब उनकी रचना है--एक शिव निराकार  परमात्मा  के सिवाय  किसी को भी क्रियटर नही कह सकते।


शिवबाबा के निर्देशानुसार  मुझे सदा सत्य  के संग  में  रहना है --- सतसंग  स्व उन्नति  का  साधन  है और  कुसंग  पतन  का कारण  है ---श्रेष्ठ  संग श्रेष्ठ  चरित्र  का निर्माण  करता है।


मैं  आत्मा पग पग पर प्रभूपिता परमात्मा की आज्ञा का पालन कर रही हूँ -- अब  मैं आत्मा अपने पुराने आसुरी स्वभाव-संस्कारों को छोड़ नए दैवी संस्कारों को धारण कर रही हूँ -- अशुद्ध खानपान छोड़ कर शिवबाबा की याद में  बना हुआ शुद्ध  सात्विक भोजन खा रही हूँ -- स्वाद वश बाहर का अशुद्ध  भोजन खाने की इच्छा पर पूरा नियंत्रण हो गया है-- अब मैं  स्वस्थ हूँ ,  रोग मुक्त हूँ -- मुझे सात्विक जीवन पद्धति अपना कर आने वाली पवित्र दुनिया मे जाना है।


हम संगम युगी  आत्माएँ सबसे खुशनसीब  हैं क्योंकि स्वयं भगवान  ने हमें अपना बना लिया --- इस बेहद  के रूहानी नशे का अनुभव  करते रहें  और कराते  रहें ।

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