आचार्यश्री के जन्मोत्सव की खुशियां गौशाला में मनाई
आचार्यश्री के जन्मोत्सव की खुशियां गौशाला में मनाई
सुरेन्द्र जैन/ धरसीवां
परम पूज्य सन्त शिरोमणी दिगंबर जैनाचार्य 108 विद्यासागर जी महामुनिराज के जन्मोत्सव की खुशी रावाभाटा स्थित बंजारी धाम गौशाला में गौवंश को फलाहार कराकर मनाई गई।
आचार्य भगवन के प्रति अटूट श्रद्धा भक्ति रखने वाले स्थानीय पत्रकार सुरेन्द्र जैन का कहना है कि रायपुर बिलासपुर राजमार्ग पर बंजारी धाम गौशाला में करीब एक दशक पूर्व विहार के दौरान आचार्यश्री विद्यासागर जी के पावन चरण इस गौशाला में पड़ चुके हैं आचार्यश्री प्राणिमात्र की रक्षा का शुभ सन्देश देते हैं और गौवंश पशुधन की रक्षा उनकी सेवा उन्हें कत्लखानों में पहुचने से बचाने बूढ़ी गायों को खरीदकर गौशालाओं में रखकर उनकी सेवा में समाज को समर्पित करा रहे हैं बर्तमान में आचार्यश्री के आशीर्वाद से देश के दस राज्यों में सौ से अधिक गौशालाए दयोदय महासंघ के माध्यम से संचालित हैं जो समाज के संपन्न वर्ग के दान पुण्य से चलती हैं अधिकांश गौशालाओं में सड़क हादसों में घायल पैर से अपंग एवं जख्मी गौवंश हैं जिनकी सेवा बहुत अच्छी तरह से करने के लिए समाज के गौसेवक सदा लगे रहते हैं आचार्यश्री के अनमोल वचन हैं कि गाय है तो भारत है भारत है तो गाय है गौवंश ओर प्राणी मात्र के प्रति दयाभाव रखने वाले ऐंसे महातपस्वी आचार्यश्री का जन्मोत्सव यदि हम गौवंश की सेवा करते हुए मनाएं तो इससे अच्छा पुण्यकार्य कोई और नही हो सकता।
*गौशालाओं में करें दान*
गौशालाओ में गौवंश की रक्षा सडक़ हादसों से बचाने उन्है गौशालाओं में ले जाकर सेवा करने बीमार या घायल गौबंश के समुचित इलाज में धन की कभी कमी न आये इसके लिए जरूरी है कि हम अपनी मेहनत की कमाई से अपनी अपनी हैसियत के अनुसार कुछ न कुछ धनराशि प्रतिदिन या सप्ताह महीने में गौशालाओं में दान करें तो इससे बड़ा कोई पुण्य का कार्य नही है।
*हरिभाई जोशीजी के प्रति आभार*
बंजारी धाम गौशाला में लगभग 600 गौवंश बर्तमान में हैं और उसकी देखरेख का काम वहां की समुचित व्यवस्थाओं का संचालन हरिभाई जोशी जी करते हैं हरिभाई जोशी जी जूते चप्पल भी नही पहनते नँगे पैर ही चलते फिरते हैं क्षेत्र में गौवंश के प्रति उनका समर्पण सेवा काबिले तारीफ है।