रोगों को मारने की क्षमता श्रेष्ठ विचारों के टीकाकरण से-- ब्रह्माकुमार नारायण
,मां का दूध ही बच्चे के लिए सर्वोत्तम टीकाकरणहै-- डॉ सचिन
रोगों को मारने की क्षमता श्रेष्ठ विचारों के टीकाकरण से-- ब्रह्माकुमार नारायण
राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस
अलीराजपुर,
, हर व्यक्ति जीवन में सुख शांति एवं आनंद का अनुभव करना चाहता है। अधिक से अधिक धन प्राप्त करने के बाद भी अगर उसका स्वास्थ्य ठीक न हो तो सुख शांति का अनुभव नहीं कर सकता है ।किसी का स्वास्थ अच्छा हो तो भी वह सब कुछ प्राप्त नहीं कर सकता परंतु यदि उसका स्वास्थ अच्छा न हो तो शायद ही कुछ प्राप्त कर सकता है। स्वास्थ्य संपत्ति है जिसका यथासंभव लोगों को रोकना चाहिए।
साथ-साथ अधिकांश लोगों में यह गलत मान्यता है कि उनका स्वास्थ डॉक्टर के हाथों में है।डॉक्टर से दवाई इंजेक्शन लेकर वे अपने स्वास्थ्य को अच्छा कर सकते हैं , क्योंकि अधिकांश बीमारियां हमारी गलत जीवन पद्धति के कारण होती है। आपका स्वास्थ आपके ही हाथ में है ।आमतौर पर आपकी बीमारी के लिये आप स्वयं ही जिम्मेवार है। हमारे अच्छे बुरे विचार ही रोगों को पैदा करने के कारक होते हैं अच्छे विचारों से रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। हम शारीरिक स्वास्थ्य को ही महत्व देते हैं शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक सामाजिक स्वास्थ्य का भी इतना ही महत्व है। शारीरिक रुप से बीमार व्यक्ति जो केवल स्वयं दुखी परेशान होता है, परंतु मानसिक रुप से बीमार व्यक्ति दूसरों को भी दुखी एवं परेशान करताहै। एक झगड़ालू व्यक्ति जो की सामाजिक रुप से बीमार है अनेक लोगों के लिए सिर दर्द का कारण बन जाता है। यह विचार इंदौर से पधारे धार्मिक प्रभात की राष्ट्रीय संयोजक ब्रहमा कुमार नारायण भाई ने दीपा की चौकी पर स्तिथ ब्रह्मा कुमारी सभागृह में टीकाकरण दिवस पर नागरिकों को संबोधित करते हुए बताया। कार्यक्रम का उद्घाटन सभी उपस्थित डॉक्टर ने दीप प्रज्वलित करके किया। इसके बाद इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में डॉक्टर सचिन पाटीदार, शिशु विशेषज्ञ ने बताया कि बच्चों को ज्यादा टीकाकरण कराएं। बच्चों को बचपन से ही कई जानलेवा बीमारी होती हैउनका बचाव टीकाकरण ही है। सबसे पहले टीकाकरण के रूप मे मां का दूध बच्चे के लिए है। मां के दूध में इतने एंटीबायोटिक होते हैं जो बच्चों को बचाते हैं । 3 महीने के बाद टिटनेस का इंजेक्शन लगाना होता हैफिर नो महीने बाद निमोनिया, खसरा, हैजे के लगाने पडते हैं जो बच्चों की संपूर्ण सुरक्षा होती है ।चाइना में फिर से कोरोना केस बढ़ रहे हैं, इसलिए टीकाकरण, बचाव बहुत जरूरी है। सिविल हॉस्पिटल अलीराजपुर के डॉ कैलाश गुप्ता सर्जन ने बतायाकि 3जनवरी से15से17 साल के टीनएज़र्स को कोवैक्सीन के टिके लगाए जा रहे हैं। अब 12 से 14 साल के बच्चों को टीके लगेंगे। इनके साथ वयस्कों को भी कार्बवैक्स के टीके लगाए जाएंगे। इनमें 60वर्ष या इससे अधिक उम्र के लोगों को टीके पहले लगेंगे। वैक्सीन लगाने से पहले उन्हें बीमारी,एलर्जी आदि बातों का ध्यान रखना पड़ेगा ।टीकाकरण ही शारीरिक रोगों का बचाव का सबसे बढ़िया तरीका है। डॉ कन्हैयालाल गुप्ता ने बताया कि वर्तमान गलत खानपान,असुध्द वातावरण से अनेक रोग सूक्ष्म किटाणु जनित रोग फैलने की संभावना ज्यादा रहती है। जिनके रोकथाम के लिए समय प्रति जो टिके शरीर के लिए आवश्यक होते हैं उनको अवश्य लगाना चाहिए। ज्ञान योग का बल मनोबल को बड़ा देता है। मनोबल बहुत जरूरी है ।मनोबल से रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ जाती है। कमजोरियों के आने का कारण मनोबल की कमी है। हमारे अंदर ऊर्जा कमजोर होने के कारण शरीर भी कमजोर होता है । शारीरिक रोक बढ़ने लगते हैं ।रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने का सबसे अच्छा माध्यम राजयोग है। इस अवसर पर सेवा केंद्र संचालिका ब्रह्मा कुमारी माधुरी बहन ने स्वागत शब्दों से करते हुए बताया कि सबसे अच्छा रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाने का तरीका हमारे सकारात्मक शुद्ध पवित्र विचार है। जिससे मन शक्तिशाली होता है। मन का प्रभाव शरीर पर स्वतः पड़ता है। कहते मन चंगा तो कठौती में गंगा। कार्यक्रम के अंत में बच्चों का टीकाकरण किया गया ।कार्यक्रम का संचालन ब्रहमा कुमारी ज्योति बहन ने किया ।
