कलयुग में सत्संग करें, यथाशक्ति तथा भक्ति करें श्री राम जी के नाम का सुमिरन करे यही जीवन का सार है - fastnewsharpal.com
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कलयुग में सत्संग करें, यथाशक्ति तथा भक्ति करें श्री राम जी के नाम का सुमिरन करे यही जीवन का सार है

 कलयुग में सत्संग करें, यथाशक्ति तथा भक्ति करें श्री राम जी के नाम का सुमिरन करे यही जीवन का सार है




पाटेश्वर धाम जिला बालोद छत्तीसगढ़ से ऑनलाइन सत्संग का आयोजन संत श्री रामबालक दास जी के द्वारा प्रतिदिन विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप में प्रातः 10:00 बजे आयोजित किया जाता है सभी भक्तों की जिज्ञासाओं का समाधान संत श्री के द्वारा प्रस्तुत किया जाता है जो कि सभी के लिए समाधान के साथ-साथ ज्ञान का केंद्र भी होते हैं

    आज ठाकुर राम साहू जी ने जिज्ञासा रखी की  भगवान के चरण चिन्ह के बारे में साथ ही उनका ध्यान कैसे करें बताएं, बाबा जी ने बताया कि हमारे धर्म में भगवान के चरण चिन्हो की बड़ी महिमा है, जिसका वर्णन गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी रामचरितमानस में किया है, उन्होंने पादप राम के चरणों का वर्णन किया जिसमें शंख ध्वज  अंकुश, रथ और धनुष होने का वर्णन मिलता है भगवान के चरण चिन्ह अद्भुत है,  संसार में जितने भी दिव्य चिन्ह है वे भगवान के चरणों में ही स्थापित है इसीलिए भगवान के चरण चिन्हो का बहुत महत्व होता है, उनकी पूजा-अर्चना से हम उन सभी दिव्यता  को भी प्राप्त कर सकते है

    परिचर्चा को आगे बढ़ाते हुए गिरधर सोनवानी जी ने जिज्ञासा रखी की गुरुदेव भगवान


कलिकाल में हमारा भक्ति कैसी होनी चाहिए

जिससे एहि लोक और परलोक सुधर जाए

कृपया मार्गदर्शन करें 

बाबाजी ने बताया कि कहते हैं  सतयुग त्रेता युग द्वापर युग में तप, यज्ञ, जप साधना बहुत से पुण्य कर्म है, लेकिन कलयुग में भगवान का सुमिरन भगवान का नाम भजन ही एकमात्र आधार है, संसार में अगर हम आए तो हमारे उपर बहुत सारी जिम्मेदारी होती है समाज की परिवार की धर्म की नैतिकता की उन सभी का निर्वाह करते हुए भगवान का भजन करते रहना उनका सुमिरन करते रहना, जो कि हमारा परम कर्तव्य है ताकि हम अपने इस लोक से परलोक तक जाने का सफर पूर्ण कर पाए, कलयुग में सत्संग करें, यथाशक्ति तथा भक्ति करें श्री राम जी के नाम का सुमिरन करे यही जीवन का सार है

 इस तरह बाबाजी के ज्ञान से ओतप्रोत भजनों के साथ आज का ऑनलाइन सत्संग संपन्न हुआ

 जय सियाराम जय गौ माता जय गोपाल

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