सिर दर्द, शरीर दर्द,भारीपन का कारण नकारात्मक व फालतू विचार । अच्छे विचार मानसिक थकान को दूर कर देते हैं--- ब्रह्माकुमार नारायण भाई*
सिर दर्द, शरीर दर्द,भारीपन का कारण नकारात्मक व फालतू विचार । अच्छे विचार मानसिक थकान को दूर कर देते हैं--- ब्रह्माकुमार नारायण भाई*
अलीराजपुर, ,
खुशी जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और खुशी का आधार है सात्विक सोच और सात्विक सोच का आधार है ज्ञान! सबसे बड़ा ज्ञान का बिन्दु है खुद को आत्मा अर्थात शक्ति समझना और अपने संकल्पों के महत्व।
थकावट अधिक काम से नहीं व्यर्थ और नेगेटिव संकल्प की वजह से होती है यदि हमें कोई भी काम करते खुद को सकारात्मक विचार व ईश्वर की याद में रहना आ जाए तो हम कभी भी थकने का नाम नहीं लेगे। आप देखेंगे कि आज हमारे जीवन में पहले जैसा परिश्रम नहीं है पर हम जब काम से घर वापिस लौटते हैं तो इतने थके होते हैं कि घर वालों से बात करने का मन नहीं करता, बच्चों के साथ समय बिताने का मन नहीं करता क्यों, क्योंकि पूरा दिन काम कम किया, व्यर्थ व नेगेटिव अधिक देखा व सुना! जिससे संकल्प भी वैसे ही चले! यह विचार इंदौर से पधारे जीवन जीने की कला के प्रणेता ब्रह्माकुमार नारायण भाई ने दीपा की चौकी में स्थित ब्रह्माकुमारी सभागृह में नगर वासियों को जीवन मे भारीपन का कारण विषय पर नगर वासियों को संबोधित करते हुए बताया कि
अपनी तरफ से भी कुछ उस में जोड़ा और तोड़ा तो इतना नकारात्मक चिंतन आत्मा को शक्ति देगा या शक्ति हीन बनाएगा ? शक्तियों को क्षीण करेगा ।तभी थकान व शरीर में दर्द होता है! इस दर्द को मिटाने का एक ही तरीका है काम के साथ साथ कुछ अच्छा चिंतन करना जैसे कोई भी सकारात्मक सोच की किताब पढ़ो, सबसे सुन्दर है 'मुरली' जिसे बार बार पढ़ो! बाबा ने क्या क्या कहा और उस पर चिंतन चलाओ!
इससे आपमें पॉजिटिविटी बनी रहेगी क्योंकि विचार ही अनुभूति की रचना करते हैं । जैसी सोच वैसी फीलिंग जैसी फीलिंग । सिर दर्द ,शरीर दर्द का मुख्य कारण नकारात्मक व व्यर्थ र्सोच!
इससे बचने के लिए किसी से भी किसी के बारे में नेगेटिव सुनना नहीं है न ही कहना है इससे कुछ नहीं होगा उल्टा मन और भारी हो जाएगा! फिर माइंड को मैनेज करना मुश्किल होगा!
इसलिए सबको प्यार से सुने पर व्यर्थ और नकारात्मक किसी से न सुनें ।बस कोई अच्छी किताब पढ़ें, भगवान की फोटो से बात करें और भगवान के महावाक्य पढ़ें! उनको ही मन में बार बार मन्त्र की तरह जपें, देखना कुछ ही दिनों में आपकी थकान बिल्कुल गायब होने लगेगी, काम में रुचि बढ़ने लगेगी! सफलता के द्वार खुलने लगेगे। कार्यक्रम के अंत में ब्रहमा कुमारी माधुरी वहन व सभी नगर वासियो ने सफलता का प्रतीक केक काटा और सभी ने एक दूसरे को जीवन में सफल होने की बधाई दी।