जो व्यक्ति जिसके चरणों मे झुकता है वो वही बनता है,पूज्य मुनि सुधासागरजी
जो व्यक्ति जिसके चरणों मे झुकता है वो वही बनता है,पूज्य मुनि सुधासागरजी
सुरेन्द्र जैन/ धरसीवां
चन्द्रोदय तीर्थ चांदखेड़ी में विराजमान निर्यापक श्रमण मनोज्ञ मुनि पुंगव108 श्री सुधासागर जी महाराज ने प्रवचन मे कहा की जो व्यक्ति जिसके चरणों में झुकता है वह वही बनता है
1.झुकता-जो व्यक्ति जिसके चरणों में झुकता है वह वही बनता है पापी के चरणों में जो झुकोगे तो पापी बनोगे,धर्मात्मा के चरणों में तो धर्मात्मा बनोगे भगवान के सामने झुके है झुके तो मिट गया जैन सिद्धांत कहता है झुका नहीं है भगवान बन गया गुणवान के सामने झुकने पर गुणवान बनोगें.
2.कर्म के अनुसार नहीं-किसी को जानने का अधिकार हमको नहीं हमारी कोई जानकारी रखें हमारे पीछे कोई व्यक्ति लग जाए हम दूसरों के लिए जिए मुझे क्या लगता है यह जीने का अधिकार नहीं है क्या हम 24 घंटे कर्मों की कठपुतली बन गए कर्म नचा रहे हैं अथवा हसेंगे तो हास्य कषाय हसायेंगी कर्म जो कराएगा हम करते हैं हमारे में कोई कमजोरी आ गई सब जगह पराधीनता गुलामीयत दिख रहा है सारे लोग मेरे पर राज कर रहे हैं कर्म के हम दास बन गए व्यक्ति कहता सब हमारे अनुसार चले दुनिया में कोई ना कोई व्यक्ति हमें चला रहा है हर व्यक्ति मुझे अपने अनुसार चला रहा है मेरे अनुसार कोई नहीं चलना चाहता है।
3.क्या करना-धर्म हमें दुनिया से हटता नहीं दुनिया में हमें जीना सिखाता है धर्म संसार से तारता नहीं संसार से तेरना सिखाता है हमें संसारी नहीं कहलाना हमें संसार भी नहीं चलाना हमें पाप को नहीं मिटाना मात्रा हमें पापी बनने से बचना है हम सोना बन जाए दुश्मन को मिटा नहीं सकते दुश्मनी को मिटाना है वस्तु मत मिटाओ वस्तु के संबध को मिटा दो।
*प्रवचन से शिक्षा*-वस्तु मत मिटाओ वस्तु के संबध को मिटा दो।सकंलन ब्र महावीर।